ताइपे। ताइवान के आसमान में जंग के बादल मंडरा रहे हैं। अमेरिकी संसद की स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा से बौखलाया चीन ताइवान को घेरकर युद्ध अभ्यास कर रहा है। ताइवान के एयरस्पेस में घुसकर चीन के लड़ाकू विमान लगातार चुनौती दे रहे हैं। वहीं, ताइवान ने भी कहा है कि वह युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर जंग हुई तो इसके लिए तैयार है। सैन्य क्षमता के मामले में चीन ताइवान की तुलना में कई गुणा ताकतवर है, लेकिन ताइवान के पास भी ऐसे हथियार हैं, जिनके बल पर वह अपनी रक्षा कर सकता है। ताइवान की वायुसेना के पास ऐसे ताकतवर लड़ाकू विमान हैं, जिनसे भिड़ने से पहले चीनी फाइटर पायलट कई बार सोचते हैं। आइए जानते हैं ताइवान के लड़ाकू विमानों के बारे में…
ताइवानी वायुसेना में 35 हजार सैनिक हैं। इसके पास कुल 288 फाइटर प्लेन हैं। ताइवानी वायु सेना का मुख्य लड़ाकू विमान F-16 है। ताइवान ने चीन से निपटने के लिए अमेरिका से 141 F-16 विमान खरीदे थे। एक इंजन वाला F-16 मल्टीरोल फाइटर प्लेन है। इसके पास 100 किलोमीटर से भी अधिक दूरी तक हवा से हवा में मार करने वाले मिसाइल हैं। हवाई लड़ाई में इस विमान का सामना करना कठिन होता है।
ताइवान के पास फ्रांस से खरीदे गए मिराज 2000 विमान हैं। एक इंजन वाला यह विमान मल्टीरोल फाइटर प्लेन है। यह सटीक बमबारी के मामले में बहुत अधिक सक्षम है। इसके साथ ही यह हवाई लड़ाई भी कर सकता है। 2530 किलोमीटर प्रतिघंटा की अधिकतम रफ्तार वाला यह विमान बेहद फुर्तीला है। यह खासियत इसे हवाई लड़ाई में जीत दिलाता है। इसका रेंज 1550 किलोमीटर है।
F-CK-1 Ching-Kuo हल्के वजन वाला मल्टीरोल फाइटर प्लेन है। इसे ताइवान ने खुद बनाया है। इस विमान को अमेरिकी लड़ाकू विमान F-16 और F/A-18 के आधार पर बनाया गया है। 6500 किलोग्राम वजनी यह विमान करीब तीन हजार किलोग्राम गोला-बारूद लेकर उड़ान भरता है। दो इंजन वाला यह विमान 55 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है।
AIDC T-5 युंग यिन को ताइवान ने विकसित किया है। यह एडवांस्ड जेट ट्रेनर विमान है। इसका इस्तेमाल हमला करने के लिए भी हो सकता है। इससे जमीन पर बमबारी की जा सकती है।
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