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400 करोड़ का कारोबार लेकिन मिठाई बासी है या ताजा ये पता नहीं

by यूनिक समय • October 19, 2022
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दुकानदार नियमों की उड़ाते हैं धज्जियां, विभाग भी उदासीन, मिठाई की हर ट्रे पर उसकी एक्सपायरी डेट लिखनी जरूरी, दिवाली पर होती है मिठाइयों की सर्वाधिक खपत, ज्यादा उत्पादन के दौरान नहीं रहता गुणवत्ता का ख्याल

2020 में लागू आदेश का नहीं होता है पालन

दिवाली पर मिठाई की बिक्री शुरू हो गई है लेकिन उनकी गुणवत्ता को लेकर खाद्य विभाग गंभीर नहीं है। यही वजह है कि जिले की ज्यादातर दुकानों पर बिना एक्सपायरी डेट लिखी मिठाई बेची जा रही है। यह नियमत: गलत है लेकिन विभाग ने न तो इस दिशा में कोई सख्ती की न ही जागरूकता के लिए कोई सक्रियता दिखाई।
लोगों को खराब मिठाई न मिले इसके लिए फूड सेफ्टी एण्ड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) की ओर से अक्तूबर 2020 से नए प्रावधान लागू किए गए थे। इसके मुताबिक मिष्ठान भंडार संचालक को काउंटर पर रखी हर ट्रे पर संबंधित मिठाई की एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य है। इससे ग्राहक को देखते ही पता चले कि उक्त मिठाई को वह कब तक खा सकता है, लेकिन जिले में इसका खुलेआम मखौल उड़ाया जा रहा है।
ब्रज की मिठाइयों की ख्याति दूर-दूर तक है। यही कारण है कि अकेले दिवाली पर 300 करोड़ से 400 करोड़ तक का इसका कारोबार होता है। त्योहार पर मांग की पूर्ति में इसकी गुणवत्ता को भी नजरअंदाज किया जाता है। समय-समय पर इस पर सवाल भी उठते हैं। विभाग भी हर साल कई कुंतल मिलावटी मिठाइयां पकड़ता है और उन्हें नष्ट भी कराता है। लेकिन नियमो को पालन कराने की दिशा में उदासीनता भारी पड़ती है।

दो साल में एक भी कार्रवाई नहीं

विभाग ने 2020 में बने नियम के तहत दो साल में एक भी दुकानदार पर इस संबंध में कार्रवाई नहीं की है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है। चौक, होलीगेट, कोतवाली रोड, जनरल गंज, कचहरी, कृष्णानगर, धौलीप्याऊ, टाउनशिप, वृंदावन, यमुनापार सहित अन्य इलाके में 500 से अधिक मिठाई की दुकानें हैं। लगभग सभी पर बिना एक्सपायरी डेट लिखी मिठाइयां बिक रही हैं।

42 फीसदी सैंपल हुए थे फेल

खाद्य औषधि प्रशासन विभाग ने पिछले साल मिठाई के सौ से अधिक सैंपल लिए थे। इसमें 50 फीसदी सैंपल फेल हो गए। विभाग दिवाली, होली, रक्षाबंधन सहित अन्य त्योहार से एक सप्ताह पहले अभियान शुरू करता है। जब तक जांच रिपोर्ट आती है तब तक काफी देर हो चुकी होती है। विभाग संबंधित दुकान को दंडित करता रहे लेकिन तब तक खराब मिठाई लोगों की सेहत पर असर डाल चुकी होती है।

दिखने में सुंदर अंदर कुछ और

कई दुकानों पर खुली मिठाइयां दिखने में सुंदर तो होती हैं, लेकिन उनके अंदर की सच्चाई केवल बनाने वाला ही जानता है। दुकानदार त्योहार में मांग को देखते हुए काफी मात्रा में मिठाई तैयार करते हैं। ऐसे में गुणवत्ता पर काफी कम दुकानदार ध्यान रखते हैं।

जिला अभिहित अधिकारी, खाद्य-औषधि प्रशासन ने बताया की दुकानदारों में अभी जागरूकता का अभाव है। उन्हें प्रेरित किया जा रहा है। जिन दुकानों पर बिना एक्सपारी डेट लिखी मिठाई बिक रही है उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

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