
यूनिक समय, नई दिल्ली। बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव को देखते हुए नीतीश कुमार की सरकार आगामी दिनों में कैबिनेट विस्तार की तैयारी में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार, बजट सत्र से पहले बिहार में मंत्रिमंडल में 6 से 7 नए चेहरों को जगह मिल सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान नीतीश सरकार जातीय समीकरण का विशेष ध्यान रखेगी। इसमें अगड़ी जाति से दो मंत्री बनाए जा सकते हैं, जिनमें एक राजपूत और एक भूमिहार जाति से हो सकते हैं। इसके अलावा, अति पिछड़ी जाति से दो मंत्री बनाए जाने की संभावना है। तेली जाति से एक मंत्री बनाए जाने की स्थिति लगभग तय मानी जा रही है, जबकि पिछड़े वर्ग से भी एक चेहरा मंत्रिमंडल में शामिल हो सकता है। वर्तमान में बिहार सरकार में 30 मंत्री हैं, जबकि राज्य में 36 मंत्री बनाने की अनुमति है। इस विस्तार के तहत बीजेपी कोटे से 3 से 4 नए मंत्री और जेडीयू कोटे से 2 से 3 नए मंत्री कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं।
इसके साथ ही, सरकार के भीतर यह भी चर्चा है कि जिन मंत्रियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, उनके विभागों में समायोजन किया जा सकता है। इस बदलाव के तहत कई मंत्रियों के विभाग कम हो सकते हैं और नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जा सकती है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, संतोष सुमन और मंगल पांडेय जैसे मंत्रियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, और संभव है कि उनके विभागों में फेरबदल किया जाए। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को भी मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है।
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