
यूनिक समय, नई दिल्ली। मणिपुर में राजनीतिक गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी सहयोगी पार्टियां सरकार गठन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। भाजपा और नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के विधायक इंफाल स्थित राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से मुलाकात कर नई सरकार बनाने का दावा पेश किया।
इस प्रतिनिधिमंडल में भाजपा के 8, एनपीपी के 1 और एक निर्दलीय विधायक शामिल थे। इन विधायकों ने राज्यपाल को बताया कि उन्हें कुल 44 विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जो 60 सदस्यीय विधानसभा में स्पष्ट बहुमत से अधिक है। मणिपुर में सरकार बनाने के लिए कम से कम 31 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है।
भाजपा विधायक थोकचोम राधेश्याम ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद बताया कि कांग्रेस को छोड़कर शेष सभी दल और निर्दलीय सदस्य एक नई सरकार के पक्ष में हैं। वहीं, निर्दलीय विधायक सपाम निशिकांत ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल को एक पत्र सौंपा है, जिस पर 22 विधायकों के हस्ताक्षर हैं और सभी एनडीए समर्थक हैं।
इससे पहले 21 विधायकों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पूर्वोत्तर राज्यों में स्थिरता बहाल करने के लिए एक ‘लोकप्रिय सरकार’ के गठन की अपील की थी। इस पत्र पर भाजपा, एनपीपी और निर्दलीय विधायकों के हस्ताक्षर थे।
मणिपुर की राजनीति एक बार फिर नई दिशा ले रही है और जल्द ही राज्य में नई सरकार के गठन की संभावना जताई जा रही है।
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