
यूनिक समय, नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले, आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने एक अहम बयान जारी किया है। उनके इस बयान से उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) खुश हो सकती है। मौलाना रजवी ने मुस्लिम समुदाय, विशेषकर मदरसों और महिलाओं से योग को अपनाने की अपील की है।
शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि योग स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद फायदेमंद है और इसे किसी धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग योग को सिर्फ सनातन धर्म से जोड़ते हैं, जबकि यह एक शारीरिक अभ्यास है, जिसे उर्दू में ‘वर्जिश’ और अंग्रेजी में ‘एक्सरसाइज’ कहा जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि योग का संबंध सूफी परंपरा से भी रहा है, जहां संत अपने अनुयायियों को मानसिक और शारीरिक शुद्धि के लिए चिल्ला (40 दिन का अभ्यास) कराते थे।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने खासकर महिलाओं के लिए योग को और महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि महिलाएं अक्सर घर के अंदर अधिक समय बिताती हैं, जिससे शारीरिक गतिविधियों की कमी हो सकती है और स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसीलिए महिलाओं को रोजाना कम से कम 20 मिनट योग करने की सलाह दी।
इसके अलावा, मौलाना ने मदरसों में योग को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की भी बात की और इसे भारतीय संस्कृति का हिस्सा मानते हुए समाज से योग को लेकर फैलाए जा रहे भ्रांतियों को न मानने की अपील की। उन्होंने सभी समुदायों से मिलकर योग दिवस मनाने की बात भी कही।
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