
यूनिक समय, नई दिल्ली। चीन के तीन कार्गो विमान हाल ही में रहस्यमय परिस्थितियों में ईरान पहुंचे हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि चीन इजरायल-ईरान संघर्ष में चुपचाप शामिल हो सकता है। ये विमान, जो पहले शंघाई और अन्य चीनी शहरों से लग्जमबर्ग होते हुए उड़ान भरते दिख रहे थे, ने मध्य-हवाई मार्ग में अपने ट्रांसपोंडर और सेंसर बंद कर दिए, जिसके बाद ये विमान ईरान के हवाई क्षेत्र में दाखिल हो गए और रडार से गायब हो गए।
यह घटना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इरान का हवाई क्षेत्र युद्ध के कारण पहले ही बंद था। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि ये विमान ईरान को हथियार, सैन्य उपकरण या अन्य सामरिक सहायता भेजने के लिए हो सकते हैं।
इन विमानों में क्या था, इसका खुलासा अब तक नहीं हो पाया है, लेकिन यह संभावना जताई जा रही है कि चीन इरान को सैन्य और तकनीकी समर्थन दे सकता है। चीन, रूस और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य और राजनीतिक साझेदारी के बीच यह घटना चिंता बढ़ा रही है।
FlightRadar24 के डेटा के अनुसार, 14 जून 2025 से अब तक कम से कम पांच बोइंग 747 कार्गो विमान चीन के उत्तरी हिस्से से उड़ान भरकर ईरान की ओर गए हैं। ये विमान यूरोपीय हवाई क्षेत्र से बाहर होकर कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान से होते हुए ईरान की सीमा के पास रडार से गायब हो गए। इन विमानों के ट्रांसपोंडर बंद होने से यह संकेत मिलता है कि यह उड़ानें सैन्य या खुफिया उद्देश्यों के लिए हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये रहस्यमय उड़ानें चीन के इरान को सैन्य मदद देने के प्रयास का हिस्सा हो सकती हैं, खासकर जब वैश्विक शक्तियां इस संघर्ष को लेकर चिंतित हैं।
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