
यूनिक समय, नई दिल्ली। ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिकी हमले के बाद तीखी प्रतिक्रिया दी है। तेहरान ने कहा है कि अमेरिका ने उसके परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर कूटनीति को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। अब अमेरिका को कब, कहां और कैसे जवाब देना है, यह ईरानी सेना तय करेगी।
रविवार को अमेरिका ने B-2 बॉम्बर्स की मदद से ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों पर हमला किया, जिससे देश में भारी तबाही मची। इसके बाद ईरान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह हमला ईरान की संप्रभुता पर सीधा आघात है और अब सैन्य प्रतिक्रिया तय करना ईरानी सेना के हाथ में है।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि आमिर सईद इरावानी ने सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में कहा कि ईरान ने अमेरिका को कई बार चेताया था कि वह इस संघर्ष में न उलझे। लेकिन अमेरिका ने परमाणु ठिकानों पर हमला कर यह साबित कर दिया कि वह संवाद की बजाय टकराव का रास्ता अपना चुका है।
ईरानी प्रतिनिधि ने यह भी कहा कि देश के विदेश मंत्री हाल ही में कई यूरोपीय नेताओं से बातचीत कर रहे थे, लेकिन अमेरिका ने इन कूटनीतिक प्रयासों को पूरी तरह अनदेखा करते हुए सैन्य हमला कर दिया। उन्होंने यह सवाल उठाया कि जब ईरान ने कभी बातचीत का रास्ता छोड़ा ही नहीं, तो उसे दोबारा बातचीत की मेज पर लौटने की सलाह क्यों दी जा रही है।
ईरान ने साफ कर दिया है कि अब जवाबी कार्रवाई की प्रकृति, समय और स्तर सैन्य नेतृत्व द्वारा तय किया जाएगा और देश अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
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