
यूनिक समय, नई दिल्ली। तेहरान के दक्षिण में स्थित ईरान के फोर्डो भूमिगत परमाणु केंद्र पर एक बार फिर हमला हुआ है। यह अत्यधिक सुरक्षित परमाणु स्थल पहाड़ियों के भीतर बनाया गया है। इस हमले की पुष्टि ईरान के सरकारी टेलीविजन द्वारा की गई है।
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था IAEA के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने वियना में बयान देते हुए कहा कि सप्ताहांत में अमेरिका द्वारा अत्याधुनिक बंकर-बस्टर बमों से किए गए हवाई हमले से फोर्डो केंद्र को “गंभीर क्षति” पहुंचने की आशंका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फोर्डो में जो अत्यधिक संवेदनशील सेंट्रीफ्यूज लगे हैं, वे विस्फोटों और कंपन के प्रति बेहद संवेदनशील होते हैं, जिससे नुकसान की संभावना और भी बढ़ जाती है।
ग्रॉसी ने कहा कि अभी तक IAEA या किसी अन्य संस्था के पास इस भूमिगत नुकसान का पूरा मूल्यांकन करने की क्षमता नहीं है।
इस बीच इजरायल ने दावा किया है कि उसने सोमवार सुबह ईरान में उड़ रहे अपने एक ड्रोन को मार गिराया है। इसके साथ ही इजरायली वायुसेना के 15 लड़ाकू विमानों ने पश्चिमी ईरान के मिसाइल लॉन्च साइट और गोदामों पर हमला किया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार रात कहा कि उनका देश ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को खत्म करने के अपने लक्ष्य के बेहद करीब है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने हाल ही में ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों पर बमबारी की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इन हमलों में ईरान के तीन यूरेनियम संवर्धन संयंत्रों को “पूरी तरह तबाह” कर दिया गया है। हालांकि, सैटेलाइट चित्रों से अभी तक इस दावे की पूरी तरह पुष्टि नहीं हो पाई है। कुछ हिस्सों में भारी क्षति दिख रही है, लेकिन कुछ संरचनाएं अब भी सुरक्षित नजर आ रही हैं।
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