
यूनिक समय, नई दिल्ली। ईरान ने इजरायल के साथ युद्ध के बाद जासूसी के आरोप में तीन लोगों को फांसी की सजा दी है और कुल 700 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ईरान ने इन सभी व्यक्तियों पर इजरायल के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, बुधवार को पश्चिमी अजरबैजान प्रांत के उर्मिया जेल में तीन लोगों को फांसी दी गई। इन पर आरोप था कि उन्होंने हथियारों की तस्करी की और इजरायल के लिए जानकारी एकत्र की। यह कार्रवाई इजरायल के साथ संघर्ष के बाद सीजफायर लागू होने के बाद की गई है, जब ईरान ने जासूसी के आरोप में सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए थे।
फांसी की सजा पाने वालों की पहचान आजाद शोजाई, इद्रिस आली और इराकी नागरिक रसूल अहमद रसूल के रूप में हुई है। इनके अलावा, 16 जून से शुरू हुए संघर्ष के बाद छह लोगों को जासूसी के आरोप में फांसी दी जा चुकी है।
मानवाधिकार संगठनों ने आशंका जताई है कि संघर्ष के अंत के बाद और भी लोगों को इस तरह की सजा मिल सकती है। ईरान ने इस दौरान इजरायल के हमलों में अपने 14 परमाणु वैज्ञानिकों और कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को खो दिया था। इस संकट के दौरान, इजरायल के खुफिया तंत्र ने ईरान के अंदर काफी मजबूत नेटवर्क बना लिया था। ईरान ने अब जासूसों की पहचान करने और उन्हें सजा देने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
सीजफायर के बाद, ईरान के लोग अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौटने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन देश में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है।
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