
यूनिक समय, नई दिल्ली। फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया ऐप्स अब सिर्फ आपकी पोस्ट्स नहीं, बल्कि आपकी पूरी ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक कर रहे हैं। क्या आपने कभी महसूस किया है कि किसी विषय पर दोस्तों से बातचीत करने के बाद वही चीज़ अचानक आपकी सोशल मीडिया फीड में दिखने लगती है? यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि इन ऐप्स की सक्रिय निगरानी का परिणाम है।
ब्रिटेन की एक नई रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य लोकप्रिय ऐप्स यूज़र्स की हर एक गतिविधि को चुपचाप ट्रैक करते हैं। ये ऐप्स आपके द्वारा की गई खोजों, पसंद, लोकेशन और यहां तक कि आपकी बातचीत तक को रिकॉर्ड कर लेते हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि न केवल सोशल मीडिया ऐप्स, बल्कि ई-कॉमर्स और फाइनेंशियल ऐप्स जैसे Amazon, PayPal, और Alexa भी आपकी व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करने में पीछे नहीं हैं।
इन ऐप्स से इकट्ठा की गई जानकारी का उपयोग यूज़र्स के डिजिटल प्रोफाइल बनाने के लिए किया जाता है, ताकि यह समझा जा सके कि आप क्या खरीदते हैं, आपकी रुचियां क्या हैं, और आप किससे जुड़ना पसंद करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य है, आपको ऐसे कंटेंट दिखाना जो आपके विचारों और आदतों को प्रभावित कर सके।
हालांकि, इन कंपनियों का दावा है कि यह डेटा केवल यूज़र एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए लिया जाता है, फिर भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जब इसका गलत इस्तेमाल हुआ है।
अगर आप सोशल मीडिया का इस्तेमाल जारी रखना चाहते हैं, लेकिन अपनी प्राइवेसी को बचाना भी चाहते हैं, तो निम्नलिखित कदम आपकी मदद कर सकते हैं:
- ऐप इंस्टॉल करते समय, हर परमिशन को ध्यान से पढ़ें और बिना ज़रूरत के किसी भी एक्सेस को अनुमति ना दें।
- कैमरा, माइक्रोफोन और लोकेशन जैसी संवेदनशील परमिशन केवल तभी दें जब जरूरी हो।
- फोन की सेटिंग्स में जाकर समय-समय पर ऐप्स की परमिशन चेक करें और अनावश्यक एक्सेस को बंद करें।
- ऐप्स केवल विश्वसनीय और आधिकारिक प्लेटफार्म से डाउनलोड करें।
- ऐप्स की डेटा पॉलिसी, रेटिंग और रिव्यू को पढ़ना न भूलें।
आजकल डिजिटल दुनिया जितनी सुविधाजनक है, उतनी ही यह जोखिमों से भरी हुई भी है। इसलिए, हमें केवल उपयोगकर्ता बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि समझदारी से इसका उपयोग करना चाहिए।
ये भी पढ़ें:- चीन ने बनाया मच्छर के आकार का ड्रोन, दुश्मन की नजर से बचकर करेगा जासूसी
Leave a Reply