
यूनिक समय, नई दिल्ली। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने SCO (Shanghai Cooperation Organisation) की बैठक में आतंकवाद पर दोहरे मापदंडों के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। उन्होंने आज, गुरुवार को चीन में आयोजित इस बैठक में संयुक्त बयान (SCO Document) पर हस्ताक्षर करने से साफ इनकार कर दिया, क्योंकि उसमें हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का कोई उल्लेख नहीं था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी।
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में पाकिस्तान पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि कुछ देश सीमापार आतंकवाद को एक रणनीतिक उपकरण के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आतंक के दोषियों, उनके समर्थकों और वित्तपोषकों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, और इस पर दोहरा रवैया किसी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
रक्षा मंत्री ने कहा, “हमारे क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौतियाँ शांति, सुरक्षा और भरोसे की कमी से जुड़ी हुई हैं, जिनकी जड़ें कट्टरता, उग्रवाद और आतंकवाद में हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद और शांति एक साथ नहीं चल सकते और इसे समाप्त करने के लिए निर्णायक कदम उठाना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर कायम है और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
राजनाथ सिंह का यह रुख भारत की आतंकवाद के खिलाफ कड़े और स्पष्ट दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें किसी भी प्रकार की नरमी या असहमति के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि SCO को ऐसे देशों की आलोचना करने में संकोच नहीं करना चाहिए जो आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड अपनाते हैं।
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