
यूनिक समय, मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़े एक अहम मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हिंदू पक्ष को झटका देते हुए उनकी एक याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका शाही मस्जिद को “विवादित ढांचा” घोषित करने की मांग को लेकर दायर की गई थी।
यह अर्जी वादी अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह द्वारा वाद संख्या 13 के तहत प्रस्तुत की गई थी। इसमें अदालत से अनुरोध किया गया था कि केस की आगामी कार्यवाही में शाही ईदगाह मस्जिद के लिए “विवादित ढांचा” शब्द का प्रयोग अनिवार्य किया जाए। इसे आवेदन A-44 के रूप में प्रस्तुत किया गया था।
मुस्लिम पक्ष ने इस मांग के खिलाफ लिखित आपत्ति दाखिल की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए याचिका को नामंजूर कर दिया। इस फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष को राहत मिली है, जबकि हिंदू पक्ष ने इसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने का संकेत दिया है।
फिलहाल श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद से जुड़ी 18 अन्य याचिकाओं पर भी सुनवाई जारी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा की एकल पीठ द्वारा की जा रही है।
बता दें कि विवादित भूमि में से 11 एकड़ श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के पास है, जबकि 2.37 एकड़ पर शाही ईदगाह मस्जिद स्थित है। हिंदू पक्ष का कहना है कि मुगल शासक औरंगजेब ने 1669-70 में प्राचीन केशवदेव मंदिर को ध्वस्त कर मस्जिद बनवाई थी। वहीं, मुस्लिम पक्ष इन आरोपों को सिरे से नकारता है और मस्जिद के निर्माण को पूरी तरह वैध बताता है।
अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि वे हाई कोर्ट के विस्तृत आदेश का अध्ययन कर अगला कदम तय करेंगे और संभवतः सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे।
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