
यूनिक समय, नई दिल्ली। बिहार के पूर्णिया जिले के टेटगामा गांव से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। ‘डायन’ होने का आरोप लगाकर एक ही परिवार के पांच सदस्यों को बेरहमी से पीटा गया और फिर जिंदा जला दिया गया। इस भयानक घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद गांव छोड़कर फरार हो गए हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुट गई है।
पूर्णिया में यह खौफनाक वारदात तब हुई जब गांव के ही रामदेव उरांव के बेटे की तीन दिन पहले गांव में झाड़-फूंक और इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद उनका दूसरा बच्चा भी बीमार पड़ गया। गांव वालों ने इन मौतों का कारण पीड़ित परिवार में ‘डायन’ का होना बताया। इसी अंधविश्वास के आरोप में परिवार के पांच सदस्यों की निर्मम हत्या कर दी गई।
मृतकों की पहचान बाबूलाल उरांव, सीता देवी, मनजीत उरांव, रनिया देवी और तपतो मोसमत के रूप में हुई है, ये सभी एक ही परिवार के सदस्य थे। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और कई ग्रामीण अपने घर छोड़कर चले गए हैं।
मौके पर पुलिस गश्त कर रही है और डॉग स्क्वायड के साथ-साथ फोरेंसिक लैब कलेक्शन (एफएलसी) टीम भी जांच के लिए पहुंच गई है। इस मामले में पुलिस ने नकुल कुमार नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर लोगों को जिंदा जलाने के लिए उकसाने का आरोप है।
मृतक परिवार के इकलौते बचे वारिस ललित ने बताया कि पूरे परिवार को ‘डायन’ का आरोप लगाकर पहले बेरहमी से पीटा गया और फिर पीट-पीटकर जिंदा जला दिया गया। किसी तरह वह अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकलने में कामयाब रहे। ललित ने यह भी बताया कि जलाने के बाद शवों को पानी में फेंक दिया गया। इस घटना के बाद ललित भी गहरे सदमे में हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
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