
यूनिक समय, नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने मूल निवासी महिलाओं को सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती के तहत 35 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है। इसके साथ ही बिहार युवा आयोग के गठन को भी कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 43 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इनमें से सबसे अहम फैसला मूल निवासी महिलाओं के लिए आरक्षण बढ़ाने और युवाओं के हित में आयोग की स्थापना को लेकर लिया गया। इससे पहले भी महिलाओं को आरक्षण दिया जा रहा था, लेकिन अब यह सुविधा बिहार के स्थानीय निवासियों तक सीमित कर दी गई है, जिससे इसका लाभ सीधे राज्य की मूल निवासी महिलाओं को मिलेगा।
नीतीश कुमार ने X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि “राज्य के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार, प्रशिक्षण और सशक्तिकरण के उद्देश्य से बिहार युवा आयोग का गठन किया जा रहा है। कैबिनेट ने आज इसकी मंजूरी दे दी है। यह आयोग युवाओं की शिक्षा, रोजगार, और सामाजिक विकास से जुड़े मामलों में सरकार को सलाह देगा और विभागों के साथ समन्वय स्थापित करेगा।”
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि इस आयोग में एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष और सात सदस्य होंगे, जिनकी अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित की गई है। आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि बिहार के युवाओं को राज्य के निजी क्षेत्र में रोजगार में प्राथमिकता मिले।
इस पहल को नीतीश सरकार की एक दूरदर्शी नीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसका मकसद राज्य के युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करना है।
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