
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां बोलेरो वाहन के 150 मीटर गहरी खाई में गिर जाने से 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 लोग घायल हो गए हैं। यह हादसा सोमवार शाम को मुवानी क्षेत्र के भंडारी गांव के समीप सोनी पुल के पास हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार बोलेरो टैक्सी मुवानी से बकटा की ओर जा रही थी।
वाहन में कुल 13 लोग सवार थे। जैसे ही गाड़ी सोनी पुल के पास पहुंची, चालक का संतुलन बिगड़ गया और बोलेरो सीधे 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि आठ लोगों की मौत हो चुकी है और गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को इलाज के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य दो घायलों की भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
पुलिस ने बताया कि मृतकों की शिनाख्त की जा रही है। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बोलेरो के गिरने के कारणों की जांच की जा रही है, हालांकि प्रथम दृष्टया तेज मोड़ और चालक का संतुलन खो देना संभावित कारण बताया जा रहा है।पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय क्षेत्र में सड़क हादसे आम हो चले हैं।
अप्रैल 2024 में ऐंचोली क्षेत्र में बोलेरो के 200 मीटर गहरी खाई में गिरने से दो भाइयों समेत चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य घायल हुए थे। वहीं, जून 2023 में सामा होकरा क्षेत्र में बोलेरो दुर्घटना में 10 तीर्थयात्रियों की जान चली गई थी। लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए स्थानीय लोग सड़कों की सुरक्षा और बैरिकेडिंग की मांग कर रहे हैं। प्रशासन से अपील की जा रही है कि पहाड़ी क्षेत्रों में ड्राइविंग के लिए सख्त दिशानिर्देश लागू किए जाएं और दुर्घटनास्थलों पर चेतावनी संकेत लगाए जाएं। पिथौरागढ़ का यह ताजा हादसा एक बार फिर दर्शाता है कि पर्वतीय इलाकों में यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करना कितना जरूरी है। मृतकों के परिजनों को शासन से मदद की उम्मीद है, वहीं प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर कब तक ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती रहेगी।
Leave a Reply