रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ गुरुग्राम जमीन घोटाले में ED ने दाखिल की चार्जशीट

रॉबर्ट वाड्रा

यूनिक समय, नई दिल्ली। रॉबर्ट वाड्रा, जो कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति और एक चर्चित कारोबारी हैं, एक बार फिर कानूनी मुसीबतों में घिरते नजर आ रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुग्राम ज़मीन घोटाले से जुड़े एक मामले में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट 17 जुलाई 2025 को दिल्ली के राउज़ एवेन्यू कोर्ट में पेश की गई, जिसमें वाड्रा समेत 11 लोगों और संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है।

मामले की जड़ 2008 में खरीदी गई 3.53 एकड़ ज़मीन से जुड़ी है, जो वाड्रा की कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्रा. लि. ने गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव (सेक्टर 83) में 7.5 करोड़ रुपये में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से खरीदी थी। आरोप है कि परियोजना शुरू किए बिना ही इस ज़मीन को बाद में 58 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। साथ ही, फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए भूमि सौदे को अंजाम देने और निजी प्रभाव का इस्तेमाल कर कमर्शियल लाइसेंस हासिल करने के आरोप भी लगाए गए हैं।

इस मामले में ईडी ने वाड्रा से 18 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की है। इसके अलावा, हरियाणा के कई कांग्रेस नेताओं से भी पूछताछ की गई।

1 सितंबर 2018 को इस घोटाले को लेकर गुरुग्राम पुलिस ने एफआईआर (संख्या 288) दर्ज की थी, जिसमें वाड्रा की कंपनी पर ज़मीन धोखाधड़ी से खरीदने और फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया था।

16 जुलाई 2025 को ईडी ने इस मामले में प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया, जिसके तहत रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनियों की कुल 43 अचल संपत्तियां (जिनकी अनुमानित कीमत 37.64 करोड़ रुपये है) कुर्क की गईं।

चार्जशीट में जिन अन्य लोगों और कंपनियों के नाम शामिल हैं, उनमें सत्यनंद याजी, केवल सिंह विर्क और ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्रा. लि. शामिल हैं। हालांकि, कोर्ट ने अभी तक चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया है, यानी यह तय नहीं हुआ है कि इस पर मुकदमा चलेगा या नहीं।

यह मामला रॉबर्ट वाड्रा के लिए एक बड़ा कानूनी मोड़ साबित हो सकता है, और आने वाले दिनों में कोर्ट की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

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