
यूनिक समय, नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाविकास अघाड़ी (MVA) को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर 2024 जैसे विधानसभा चुनावों में सीट बंटवारे को लेकर फिर वही गलतियां दोहराई गईं, तो इस गठबंधन का कोई औचित्य नहीं रहेगा।
उद्धव ठाकरे ने क्या कहा?
एक इंटरव्यू में ठाकरे ने बताया कि 2024 के लोकसभा चुनावों में गठबंधन के भीतर समन्वय की भारी कमी रही। उन्होंने कहा कि सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत आखिरी समय तक चलती रही, जिससे मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी और इसका नुकसान चुनाव परिणामों में भी दिखा।
उन्होंने यह भी कहा कि कई सीटें ऐसी थीं, जहां शिवसेना (यूबीटी) का मजबूत आधार था, लेकिन समझौते के तहत उन्हें सहयोगी दलों को देना पड़ा। इस वजह से पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भी असंतोष फैल गया।
गठबंधन में ‘व्यक्तिगत अहंकार’ का आरोप
उद्धव ठाकरे ने गठबंधन सहयोगियों पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के अच्छे प्रदर्शन के बाद विधानसभा चुनाव में हर पार्टी ने सिर्फ अपनी जीत को प्राथमिकता दी। इससे टीम भावना खत्म हो गई और हार का रास्ता खुल गया।
फडणवीस से बातचीत और भाजपा से नजदीकियों की अटकलें
इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा फिर तेज हो गई है कि क्या उद्धव ठाकरे भाजपा के साथ फिर से जा सकते हैं। खासकर तब जब हाल ही में डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस से उनकी मुलाकात को लेकर भी चर्चाएं चल रही थीं।
ठाकरे ने कहा- ‘अब गलती नहीं दोहराएंगे’
उद्धव ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ क्षेत्रों में उम्मीदवारों के चयन को लेकर देरी हुई, जिससे जनता में नकारात्मक संदेश गया। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी गलतियां दोहराई जाती हैं तो गठबंधन में बने रहने का कोई औचित्य नहीं होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी दलों को आत्ममंथन कर गलती स्वीकारनी चाहिए, तभी आगे कोई ठोस रणनीति बन सकती है।
इस बयान के बाद MVA की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं और आने वाले समय में राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनते दिख सकते हैं।
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