
यूनिक समय, नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने गाजा में जारी संघर्ष को लेकर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। भारत ने गाजा में बिगड़ती मानवीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है और वहां तत्काल पूर्ण युद्धविराम की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि केवल आंशिक या अस्थायी युद्धविराम पर्याप्त नहीं हैं क्योंकि इससे वहां के नागरिकों की लगातार बढ़ती मुश्किलें खत्म नहीं हो सकतीं। उन्होंने यह बात ‘मध्य पूर्व की स्थिति, जिसमें फिलिस्तीन प्रश्न भी शामिल है’ विषय पर हुई एक खुली बहस के दौरान कही, जिसकी अध्यक्षता पाकिस्तान कर रहा था।
राजदूत हरीश ने कहा कि गाजा में भोजन, ईंधन, चिकित्सा और शिक्षा जैसी बुनियादी ज़रूरतों की भारी कमी है और यह संकट हर दिन गहरा होता जा रहा है। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि “मानवीय संकट को और अधिक बढ़ने से रोकना होगा। सहायता पहुंचाने के लिए एक सुरक्षित, सतत और समयबद्ध व्यवस्था आवश्यक है।”
भारत ने इस मौके पर यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति के लिए संवाद और कूटनीति ही एकमात्र स्थायी उपाय है। भारत ने सभी पक्षों से युद्धविराम लागू करने, बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने और शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अपील की।
भारत ने दो-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution) को ही इस जटिल समस्या का टिकाऊ समाधान बताया और उम्मीद जताई कि संयुक्त राष्ट्र की आगामी बैठकें इस दिशा में ठोस पहल करेंगी।
राजदूत हरीश ने यह भी रेखांकित किया कि भारत और फिलिस्तीन के बीच ऐतिहासिक और मजबूत संबंध हैं, और भारत फिलिस्तीनी जनता की आकांक्षाओं का समर्थन करता रहेगा।
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