
यूनिक समय, मथुरा। राजस्व संकलन में प्रदेश की प्रमुख मंडियों में शामिल मथुरा की कृषि उत्पादन मंडी समिति में मूलभूत सुविधाएं तो दूर नाले के गंदे पानी की निकासी का भी पर्याप्त इंतजाम नहीं है। अपनी फसल बेचने आ रहे किसान इस गंदे पानी के बीच से गुजर रहे हैं और अधिकारियों को कोस रहे हैं। आज पीड़ित व्यापारियों ने मंडी सचिव के कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और अपनी समस्याएं सचिव को बताई।
तीन दिन पहले हुई तेज बरसात से हाइवे का नाला ओवर फ्लो हो गया। मंडी परिसर नेशनल हाइवे 19 के लेवल से नीचा है। ऐसे में गंदा पानी मंडी परिसर में घुस गया। नाले का गंदा पानी व्यापारियों की दुकानों, सड़क, किसानों की फसल नीलामी के लिए बने फड़ों पर एक-एक फुट तक भर गया। बरसात बंद होने के बाद भी पानी की निकासी न होने से नाराज व्यापारी मंडी सचिव कार्यालय पहुंचे। जहां आढतियों ने प्रदर्शन किया ।
यहां व्यापारियों ने मंडी सचिव को अवगत कराया कि मंडी में जलभराव एक स्थायी समस्या बनती जा रही है ऐसे में यहां आने वाले किसान अब दूसरी मंडियों की ओर रूख करने लगे है। इसका सीधा असर राजस्व संकलन पर पड़ेगा। बरसात में किसानों की फसल, व्यापारियों के खरीदे माल के भीगने का भय लगा रहता है। पूर्व में जलभराव के बाद तत्काल निकासी हो जाती थी लेकिन अब एक-एक सप्ताह तक गंदा पानी भरा रहता है। इस जलभराव से अनाज और सब्जी मंडी के हजारों व्यापारी, किसान प्रभावित हो रहे है। मंडी सचिव ने अतिशीघ्र जलनिकासी के प्रबंध करने की बात कही है। व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल में मोहन पांडेय, उमेश शर्मा, आशीष गर्ग, आलोक शर्मा, झम्मन वार्ष्णेय तथा विजय अग्रवाल शामिल थे।
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