
यूनिक समय, नई दिल्ली। बिहार की राजधानी पटना के मसौढ़ी अंचल कार्यालय से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक कुत्ते के नाम पर निवास प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। यह प्रमाण पत्र 24 जुलाई 2025 को आरटीपीएस पोर्टल के माध्यम से जारी हुआ था, जिसमें राजस्व पदाधिकारी मुरारी चौहान का डिजिटल हस्ताक्षर भी दर्ज है।
प्रमाण पत्र में कुत्ते का नाम दर्ज है ‘डॉग बाबू’, पिता का नाम ‘कुत्ता बाबू’, माता का नाम ‘कुतिया बाबू’ और पता दिया गया है – मोहल्ला काउलीचक, वार्ड नंबर 15, नगर परिषद मसौढ़ी। इस दस्तावेज की पहचान संख्या BRCCO/2025/15933581 है।
जांच में यह सामने आया कि प्रमाण पत्र में उपयोग किए गए दस्तावेज असल में दिल्ली की एक महिला से जुड़े हैं, जिनमें आधार कार्ड और पति से संबंधित कागजात भी अपलोड थे। इससे स्पष्ट है कि किसी ने पोर्टल पर जानबूझकर गलत जानकारी भरकर प्रमाण पत्र बनवाया है।
इस अजीबोगरीब मामले के उजागर होने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की है। पटना के जिलाधिकारी कार्यालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उक्त प्रमाण पत्र को तत्काल रद्द कर दिया गया है और संबंधित आवेदक, कंप्यूटर ऑपरेटर तथा जिम्मेदार पदाधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है।
जिलाधिकारी के आदेशानुसार मसौढ़ी के अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे 24 घंटे के भीतर मामले की पूरी जांच रिपोर्ट सौंपें। साथ ही दोषियों के विरुद्ध विभागीय व अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे ने गर्मी पकड़ ली है। ‘स्वराज इंडिया’ के नेता योगेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर इस मामले को उजागर करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि जिस प्रमाण पत्र को सरकारी योजनाओं में मान्यता मिल रही है, उसमें इस तरह की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है।
यह घटना न केवल सरकारी पोर्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि इससे यह भी साफ होता है कि जमीनी स्तर पर निगरानी और सत्यापन की प्रक्रिया में बड़ी खामियां हैं।
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