
यूनिक समय, नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के वार्षिक लीगल कॉन्क्लेव 2025 में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर दावा किया कि लोकसभा चुनाव में आयोग ने धांधली की है। इस दौरान पार्टी समर्थकों द्वारा “देश का नेता कैसा हो, राहुल गांधी जैसा हो” के नारों पर उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि वह ‘राजा’ के इस विचार में विश्वास नहीं रखते, और उनकी लड़ाई इसी विचार और प्रवृत्ति के खिलाफ है।
समर्थकों की नारेबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा, “मैं राजा नहीं हूँ और राजा बनना भी नहीं चाहता हूँ। मैंने हमेशा कहा है और एक बार फिर इसे दोहरा देता हूँ कि मैं राजा के कॉन्सेप्ट के ही खिलाफ हूँ।” उन्होंने आगे कहा कि उनकी लड़ाई लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए है, क्योंकि लोकतंत्र में हर व्यक्ति बराबर होता है और किसी को भी राजा बनाने की सोच सही नहीं है।
वकीलों की भूमिका और कांग्रेस का इतिहास
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में देश की आज़ादी की लड़ाई में वकीलों के बड़े योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की नींव भी वकीलों ने ही रखी है। उनके अनुसार, “अगर वकील नहीं होते, तो देश को न आज़ादी मिलती और न ही संविधान बन पाता।” गौरतलब है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद जैसे कई बड़े कांग्रेसी नेता वकालत के पेशे से जुड़े रहे हैं। वर्तमान में भी अभिषेक मनु सिंघवी और सलमान खुर्शीद जैसे कई नामी वकील कांग्रेस के प्रमुख नेता हैं।
चुनाव आयोग पर फिर लगाए धांधली के आरोप
राहुल गांधी ने इस दौरान कार्यकर्ताओं को कांग्रेस पार्टी की रीढ़ बताते हुए कहा कि “आप कार्यकर्ताओं ने ही यह पार्टी बनाई है और देश बनाया है।” उन्होंने लोकसभा चुनाव में धांधली का दावा दोहराते हुए कहा, “चुनाव आयोग अब स्वतंत्र संवैधानिक ईकाई के तौर पर काम नहीं कर रहा है। लोकसभा चुनाव में धांधली हुई थी और हमारे पास इसके पर्याप्त सबूत हैं। जल्द ही ये सबूत देश के सामने पेश करेंगे।”
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