
यूनिक समय, वृंदावन। पवित्रा एकादशी पर आज सुबह से मंदिरों की नगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ ही भीड़ दिखाई देने लगी। परिक्रमा लगाने आए श्रद्धालुओं के सिर पर भक्ति और आस्था का ऐसा जुनून सवार था कि वह केशीघाट परिक्रमा मार्ग के जलमग्न होने के बाद भी वहीं से निकलते देखे गए।
पवित्रा एकादशी पर वृंदावन की परिक्रमा देने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब सुबह से ही उमड़ पड़ा। परिक्रमा मार्ग राधे-राधे की गूंज से गुंजायमान हो रहा था। आस्था और भक्ति के सागर में डुबकी लगाते हुए श्रद्धालुओं आगे बढ़ते ही जा रहे थे। हालांकि परिक्रमा मार्ग पर वाहनों पर प्रतिबंध न होने के कारण उनको परेशानी का सामना करना पड़ा।
हैरान करने वाली बात तो यह थी कि यमुना के पूरी तरह उफान के साथ पानी से केशीघाट का परिक्रमा मार्ग जलमग्न हो गया था, फिर श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर पानी से होकर निकल रहे थे। यदि किसी का बैलेंस बिगड़ जाए तो वह श्रद्धालु पानी में समा जा सकता था। यहां पुलिसकर्मी दिखाई नहीं दे रहे थे।
इसी तरह से सुबह के समय तिराहा और चौराहा पर ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मी भी नदारद थे। इस कारण वाहन और श्रद्धालु घंटों लोग जाम के झाम में फंसे दिखाई दिेए। सुबह का मुख्य रूप से स्कूल की बसें और विद्यार्थी अपनी- अपनी साइकिल लेकर जाम में फंसे दिखाई दिए। परिक्रमा लगाने के बाद श्रद्धालु ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर पहुंचे। यहां धक्का मुक्की के साथ उन्होंने दर्शन किए।
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