उत्तराखंड: उत्तरकाशी में बादल फटने से तबाही, 4 की मौत और 70 लापता

उत्तरकाशी में बादल फटने से तबाही

यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले के धराली गाँव में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। ऊंचाई वाले इलाके में बादल फटने के बाद खीरगंगा नदी में सैलाब आ गया, जिससे चार लोगों की मौत हो गई है और 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं। आज सुबह से राहत और बचाव कार्य जारी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फ़ोन पर बात कर आपदा की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी ली। सीएम धामी ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य सरकार पूरी तत्परता से काम कर रही है, हालांकि लगातार हो रही बारिश से कुछ कठिनाइयाँ आ रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे बंद, आवाजाही ठप

बादल फटने से  लगातार हो रही बारिश से यमुनोत्री घाटी में यमुना और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर ख़तरनाक स्तर पर पहुँच गया है। यमुनोत्री हाईवे कई जगहों पर मलबा आने और सड़क धंसने के कारण बंद हो गया है, जिससे आवाजाही पूरी तरह से ठप है।

इसी तरह, गंगोत्री हाईवे पर भी कई स्थानों पर सड़क धंस गई है। नेताला और मनेरी-ओंगी के बीच नदी से कटाव हो रहा है। पापड़गाड़ के पास तो लगभग 30 मीटर सड़क धंस गई है, जिससे हर्षिल और धराली क्षेत्र का ज़िला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह से कट गया है। इस वजह से राहत टीमें भी भटवाड़ी में फंसी हुई हैं।

केदारनाथ जैसी आपदा का पैटर्न

आईआईटी रुड़की के हाइड्रोलॉजी विभाग के वैज्ञानिक प्रोफेसर अंकित अग्रवाल ने बताया कि उत्तरकाशी में आई आपदा का पैटर्न वर्ष 2013 में केदारनाथ में आई जल प्रलय की तरह ही है। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण पश्चिमी विक्षोभ और मानसून आगे की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं, जिससे बादल फटने की घटनाएं बढ़ रही हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने हर्षिल और आसपास के क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। जिनमें मुख्य रूप से मुखबा और कछोरा जैसे इलाके शामिल हैं। प्रशासन द्वारा रात में ही लोगों को स्थानांतरित किया गया।

ये भी पढ़ें:- Chhoriyan Chali Gaon: रियलिटी शो के पहले दिन मशहूर सेलिब्रिटी अनीता हसनंदानी हुईं भावुक

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*