
यूनिक समय, बरसाना। राधाष्टमी मेला की तैयारियों के चलते प्रशासन कस्बे के लाडलीजी मंदिर जाने वाले मार्गो से हो रहे अतिक्रमण को हटवा रहा है। सरकार द्वारा मार्गों के किनारे बनाए गए फुटपाथों पर हो रहे अतिक्रमणों को प्रशासन के अधिकारी अनदेखी कर रहे हैं। इसके पीछे क्या कारण है। यह जांच का विषय है।
राधाष्टमी ही नहीं रोजाना ही लाडलीजी मंदिर में राधाजी के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ कस्बे के रास्तों में रहती है। लेकिन श्रद्धालुओं को सभी रास्तों पर हो रहे अतिक्रमण से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन मार्गों से स्थानीय नागरिक पैदल भी नहीं निकल पाते हैं।
मार्गों को हाल यह है कि गोवर्धन ड्रेन की पटरी से रोप वे व प्रिया कुंड को जाने वाले मार्गों पर जगह-जगह अतिक्रमण खोखा रख कर दुकानदारों ने कर रखे हैं। जिससे वाहनों का जाम लगा रहता है। वहीं पुराने अड्डे से होकर मंदिर जाने वाले मार्ग पर बने फुटपाथों पर दुकानदारों ने अवैध रुप से दुकान का सामान रखा हुआ है। जिससे फुटपाथ से पैदल यात्री नहीं निकल पा रहेहैं। यही हाल गोवर्धन, कोसीकलां, नंदगांव, छाता की तरफ से बरसाना में घुसने वाले रास्ते का है।
यहां पर बिल्डिंग मैटेरियल विक्रेताओं ने बजरी, ईंट, गिट्टी रास्तों में पटक रखी है। जिससे यात्रियों के वाहनों, भारी वाहनों, टेम्पो आदि का जाम हमेशा लगा रहता है। वहीं छोटे- छोटे दुकानदारों को राधाष्टमी जैसे मेलों का सालभर इंतजार रहता है उस दौरान उनकी दुकानों को हटवा दिया जाता है। जबकि तमाम बाहर से दुकानदार आकर रास्तों पर अवैध दुकान लगा लेते है।
उनको नहीं हटवाया जा रहा है। कस्बे में अवैध अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ चलाया जा रहा है लेकिन किसी को छोड़ा जा रहा है तो किसी को हटाया जा रहा है। प्रशासन के इस दोहरे मापदंड का कस्बे वासी निंदा करते देखे जा रहे हैं।
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