
यूनिक समय, नई दिल्ली। भारी कर्ज में डूबी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के शेयरों में आज, 26 अगस्त को, 10% की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट केंद्र सरकार के टेलीकॉम राज्य मंत्री चंद्र एस. पेम्मासानी के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कंपनी के लिए किसी भी तरह की और सरकारी राहत की संभावना से साफ इनकार कर दिया।
सरकार ने दिया साफ संकेत
राज्य मंत्री चंद्र एस. पेम्मासानी ने सोमवार को एक इंटरव्यू में साफ कर दिया है कि, सरकार वोडाफोन आइडिया के लिए किसी और राहत पैकेज पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा, “हम जो कुछ भी करना चाहते थे, वह पहले ही किया जा चुका है।” उनका यह बयान 2021 के उस राहत पैकेज की ओर इशारा करता है, जिसके तहत वोडाफोन आइडिया के 53,000 करोड़ रुपये के बकाया को सरकारी इक्विटी में बदला गया था। इस कदम से सरकार कंपनी में 49% की हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ी शेयरधारक बन गई थी।
पेम्मासानी ने यह भी स्पष्ट किया कि अब यह वोडाफोन आइडिया के प्रबंधन पर निर्भर करता है कि वे कंपनी को कैसे आगे ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का इसे एक पब्लिक सेक्टर की कंपनी (PSU) बनाने का कोई इरादा नहीं है।
अटकलों पर लगा विराम
पिछले सप्ताह मीडिया में ऐसी खबरें थीं कि सरकार वोडाफोन आइडिया को AGR (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) बकाया के संबंध में कुछ और राहत देने पर विचार कर रही है। इन अटकलों से कंपनी के शेयरों में 20% तक की तेजी आई थी। हालांकि, राज्य मंत्री के बयान ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया, जिसके बाद मंगलवार को भारी बिकवाली देखने को मिली।
वोडाफोन आइडिया के शेयर मंगलवार को 4% नीचे खुले और कारोबार के दौरान 10% तक गिरकर 6.67 रुपये के स्तर पर पहुंच गए। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक कंपनी अपनी फंडिंग और बकाया कर्ज के समाधान को लेकर कोई ठोस योजना पेश नहीं करती, तब तक इसके शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
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