
यूनिक समय, नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने पार्टी से निष्कासित किए गए अशोक सिद्धार्थ को वापस पार्टी में ले लिया है। यह फैसला अशोक सिद्धार्थ द्वारा सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और पार्टी में वापसी का आग्रह करने के बाद लिया गया है। इससे कुछ समय पहले, मायावती ने उनके दामाद आकाश आनंद को भी पार्टी में वापस लिया था।
मायावती का X पर पोस्ट
मायावती ने अपने एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट पर एक पोस्ट में इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) के कई जिम्मेदार पदों पर लम्बे वर्षों तक कार्यरत रहे एवं पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ, जिन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिये कुछ माह पहले पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था, उन्होंने सोशल मीडिया एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर आज अपने लम्बे पोस्ट के जरिये सार्वजनिक तौर पर अपनी गलती की माफी मांगी है तथा आगे पार्टी और बी.एस.पी मूवमेन्ट के प्रति पूरी तरह से वफादर रहकर बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान एवं स्वाभिमान के मूवमेन्ट को आगे बढ़ाने में पूरे जी-जान से लग जाने का आश्वासन बहुजन समाज व बी.एस.पी. नेतृत्व को दिया है।”
निष्कासन का फैसला रद्द
बसपा प्रमुख ने कहा कि “हालांकि उन्हें अपनी गलती का एहसास बहुत पहले हो चुका था और वे इसका लगातार पश्चाताप विभिन्न स्तर पर कर रहे थे, किन्तु आज उन्होंने सार्वजनिक तौर पर अपना पछतावा जाहिर किया है, जिसको ध्यान में रखते हुए पार्टी व मूवमेन्ट के हित में उन्हें पार्टी द्वारा एक मौका दिया जाना उचित समझा गया है और इसीलिये बी.एस.पी. से उनके निष्कासन का फैसला आज तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है अर्थात् इनको पार्टी में वापस ले लिया गया है।”
मायावती ने आगे लिखा “उम्मीद है कि पार्टी के अन्य सभी छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं की तरह वे भी पूरे तन, मन, धन से पार्टी व मूवमेन्ट को आगे बढ़ाने में अपना भरपूर योगदान जरूर देंगे, ताकि बी.एस.पी. के नेतृत्व में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का कारवां आगे बढ़ता हुआ बहुजन समाज को शोषित वर्ग से ऊपर उठाकर यहां प्रदेश एवं देश का शासक वर्ग बना सके।”
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