ऐश्वर्या राय बच्चन को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत, AI और डीपफेक के जरिए नाम और फोटो के गलत इस्तेमाल पर रोक

ऐश्वर्या राय बच्चन को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत

यूनिक समय, नई दिल्ली। अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके नाम और फोटो के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ फैसला सुनाते हुए कहा कि यह उनकी निजता और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन है।

क्या है कोर्ट का आदेश?

जस्टिस तेजस करिया ने ऐश्वर्या राय की याचिका पर सुनवाई करते हुए कई संस्थाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य तकनीकों के माध्यम से उनके नाम और फोटो का दुरुपयोग करने से रोक दिया। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के दुरुपयोग से न केवल अभिनेत्री को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उनकी प्रतिष्ठा और साख को भी ठेस पहुंचती है।

कोर्ट ने जोर देकर कहा कि किसी भी व्यक्ति का अपनी छवि, नाम और समानता को नियंत्रित करने का अधिकार होता है। इनका दुरुपयोग उनके सम्मान के साथ जीने के अधिकार को भी प्रभावित करता है।

कोर्ट ने अज्ञात पक्षों सहित उन सभी प्रतिवादियों को व्यावसायिक या व्यक्तिगत लाभ के लिए ऐश्वर्या राय बच्चन (ARB), उनके नाम, फोटो, समानता और अन्य विशेषताओं का उपयोग करने से रोक दिया है। यह आदेश AI, डीपफेक, फेस मॉर्फिंग और मशीन लर्निंग जैसी सभी तकनीकों पर लागू होगा।

कोर्ट ने गूगल एलएलसी को 72 घंटों के भीतर मुकदमे में सूचीबद्ध यूआरएल (URL) को हटाने और उनके ऑपरेटरों की जानकारी सीलबंद लिफाफे में देने का निर्देश दिया। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भी 7 दिनों के भीतर इन यूआरएल को ब्लॉक करने का आदेश दिया गया है।

याचिका में क्या था?

ऐश्वर्या राय ने अपनी याचिका में कहा था कि कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म AI और डीपफेक तकनीक का उपयोग करके उनके चेहरे को अश्लील वीडियो और तस्वीरों में बदल रहे हैं। उनके वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने कोर्ट को बताया कि अभिनेत्री की पूरी तरह से मनगढ़ंत अंतरंग तस्वीरें प्रसारित की जा रही हैं, और उनके नाम और समानता का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने उनके नाम वाली टी-शर्ट और मग की अवैध बिक्री की ओर भी ध्यान दिलाया।

याचिका में जिन वेबसाइटों और संस्थाओं का नाम शामिल था, उनमें ऐश्वर्यावर्ल्ड डॉट कॉम, एपीकेप्योर डॉट कॉम, बॉलीवुडटीशॉप डॉट कॉम, काशकलेक्टिवको डॉट कॉम, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ईटीसी, चैटबॉट साइट जैनटोराई डॉट कॉम, जैसी वेबसाइटें और कुछ यूट्यूब चैनल, गूगल, आईटी मंत्रालय और दूरसंचार विभाग शामिल हैं।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

ये भी पढ़ें: मॉरीशस के PM ने वाराणसी में की PM मोदी से मुलाकात, संबंधों को बताया ‘स्थायी मित्रता’ पर आधारित

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*