
यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तराखंड के चमोली और देहरादून जिलों में बुधवार रात बादल फटने से भारी तबाही हुई है। चमोली के नंदानगर घाट क्षेत्र में मलबे के कारण छह घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि सात लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। दूसरी ओर, देहरादून में भी भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिससे टपकेश्वर महादेव मंदिर और मसूरी-देहरादून हाईवे को भारी नुकसान पहुंचा है।
चमोली में राहत-बचाव कार्य जारी
चमोली के जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने बताया कि नंदानगर के कुन्तरि लगाफाली वार्ड में छह घर मलबे में दब गए। लापता लोगों की तलाश के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। इसके अलावा, एक मेडिकल टीम और तीन एंबुलेंस भी राहत कार्यों में लगाई गई हैं। नंदानगर की धुर्मा गांव में भी 4-5 मकानों को नुकसान पहुंचा है, हालांकि यहां किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। मोक्ष नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है।
देहरादून में भी भारी तबाही
देहरादून में बादल फटने से नदियां उफान पर हैं, जिससे टपकेश्वर महादेव मंदिर और आसपास के बाजार जलमग्न हो गए हैं। मसूरी-देहरादून हाईवे कई जगहों पर टूट गया है, जिससे यातायात बाधित हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए, देहरादून जिले में गुरुवार को सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।
सीएम धामी ने किया दौरा, केंद्र से मिली सहायता का आश्वासन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून से चमोली का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की चार और एसडीआरएफ की तीन टीमें बचाव कार्यों में लगी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी फोन पर सीएम धामी से बात कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। इस बीच, मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में राज्य के पहाड़ी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे आपदा प्रबंधन के लिए पुख्ता इंतजाम करने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं जलवायु परिवर्तन का परिणाम हैं।
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