
यूनिक समय, नई दिल्ली। सहजनवा के डुमरी निवास (तिवरान) गाँव में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। करंट की चपेट में आने से चाचा और भतीजे की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 32 वर्षीय चंद्रेश कुमार और उनके चाचा 60 वर्षीय राम बेलास के रूप में हुई है। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने शवों को ठर्रापार के पास सहजनवा–घघसरा मार्ग पर रखकर जाम कर दिया। आक्रोशित ग्रामीण इस हादसे के लिए विद्युत विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कैसे हुआ हादसा?
बताया जा रहा है कि चंद्रेश कुमार ने अपने घर के लिए वैध बिजली कनेक्शन लिया था। हालाँकि, पड़ोसी से विवाद के चलते पोल से उनका कनेक्शन काट दिया गया था। कई बार शिकायत के बावजूद बिजली विभाग ने कनेक्शन बहाल नहीं किया। इसके बाद चंद्रेश ने लगभग 400 मीटर दूर स्थित ट्रांसफार्मर से बांस और लोहे के पोल के सहारे केबल खींचकर अपने घर में बिजली चलाई थी।
शुक्रवार की सुबह, यह केबल तार ढीला होकर पोखरे के पास झूल रहा था। एक मछली पालक द्वारा सूचना दिए जाने पर, चंद्रेश अपने चाचा राम बेलास के साथ इस तार को कसने पहुँचे। इसी दौरान, लोहे के पोल को छूते ही दोनों गंभीर रूप से करंट की चपेट में आ गए। उन्हें तुरंत सीएचसी ठर्रापार ले जाया गया, जहाँ उपचार के दौरान दोनों की मृत्यु हो गई।
ग्रामीणों का विरोध और मांग
इस भयावह हादसे के बाद परिजन और ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने तत्काल शवों को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और विद्युत विभाग के एसडीओ (SDO) और जेई (JE) पर सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी दुर्गेश सिंह और नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभाकर दुबे मौके पर पहुँचे और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
पारिवारिक जानकारी के अनुसार, मृतक राम बेलास की कोई संतान नहीं थी और वह अपनी पत्नी रीता देवी के साथ चंद्रेश के घर में ही रहते थे। वहीं, चंद्रेश के परिवार में उनकी पत्नी कुसुम देवी के अलावा आठ साल का बेटा दिनेश और पाँच साल की बेटी अनन्या है। दोनों की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया है, और पूरे गाँव में गहरा रोष व्याप्त है।
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