Tech News: AI बना ग्लोबल टैलेंट स्काउट, स्पीड और फिटनेस डेटा से तय हो रहा बच्चों का खेल भविष्य

AI बना ग्लोबल टैलेंट स्काउट

यूनिक समय, नई दिल्ली। अब खेलों में बच्चों की प्रतिभा को पहचानने का काम इंसानी आँख नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कर रहा है। दुनियाभर के सेंटर, कई खेलों और यहाँ तक कि ओलिंपिक में भी AI-आधारित सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो यह तय करता है कि कौन सा बच्चा किस खेल के लिए सबसे उपयुक्त है, जिसके बाद उसी दिशा में उसकी ट्रेनिंग शुरू की जाती है।

AI कैसे तय करता है बच्चे का खेल भविष्य?

AI बच्चों की स्पीड, एक्यूरेसी, फोकस, ऊँचाई, वजन, मांसपेशियों की ताकत और बॉडी स्ट्रक्चर का मूल्यांकन करता है। इसके साथ ही यह उनकी निर्णय क्षमता और रिएक्शन टाइम जैसे मानसिक डेटा को भी एनालाइज करता है।

सिस्टम इस डेटा की तुलना शीर्ष खिलाड़ियों के प्रदर्शन और विशेषताओं से करता है। स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट संजना किरण के अनुसार, Artificial Intelligence हार्ट रेट वेरियेबिलिटी और रिकवरी टाइम का विश्लेषण करके खिलाड़ी को पीक परफॉर्मेंस तक पहुँचने में मदद करता है।

बच्चा जितना इन गुणों के करीब होता है, उतनी ही अधिक संभावना होती है कि वह भविष्य में उस खेल में बेहतर प्रदर्शन कर सकेगा।

भारत समेत दुनिया में AI टैलेंट स्काउटिंग

भारत (कीर्ति योजना): भारत सरकार की ‘कीर्ति’ (Khelo India Rising Talent Identification) योजना के तहत बच्चों की फिटनेस, कौशल और क्षमता का मूल्यांकन AI से किया जा रहा है। बड़ोदरा क्रिकेट एसोसिएशन ने भी क्रिकसेंटर AI टेक्नीक को अपनाया है, जो खिलाड़ियों के हर शॉट, रन-अप और गेम के बाद के आँकड़ों का विश्लेषण करती है।

सेनेगल: यहाँ AI कैमरे बच्चों की स्पीड, एक्सेलेरेशन और फुर्ती मापते हैं। इसके आधार पर छह गाँवों के 1000 बच्चों में से 40 बच्चों को नेशनल ओलिंपिक प्रोग्राम में शामिल किया गया।

नीदरलैंड्स: वहाँ फुटबॉल क्लब अजाक्स ने AI वीडियो एनालिसिस से युवाओं की स्काउटिंग प्रक्रिया को 70% तेज और 45% अधिक सटीक बना दिया है।

अमेरिका: यहाँ ‘स्टूडेंट एथलीट एडवाइजर’ नाम का AI टूल मैच वीडियो और फिटनेस डेटा का विश्लेषण करके भविष्य के स्टार्स की पहचान करता है और चोट की संभावनाएँ व ट्रेनिंग प्लान भी तय करता है।

ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस: ऑस्ट्रेलिया ‘YouFor2032’ ऐप के जरिए 8 से 30 साल के युवाओं की शारीरिक क्षमता माप रहा है। फ्रांस में ओलिंपिक के दौरान लगे AI सिस्टम ने दर्शकों को उनकी शारीरिक क्षमताओं के आधार पर बताया था कि वे किस खेल के लिए उपयुक्त हैं।

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