
यूनिक समय, नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस इकाई से तैयार की गई ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलों की पहली खेप को हरी झंडी दिखाई। यह दिन न सिर्फ उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि यह भारत के रक्षा उत्पादों में आत्मनिर्भरता के संकल्प को भी नई ऊर्जा देगा।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस की यह अत्याधुनिक इंटीग्रेशन एंड टेस्ट सुविधा इकाई 11 मई को उद्घाटन के बाद पूरी तरह से संचालन में आई थी। इस इकाई में मिसाइल प्रणाली के निर्माण से लेकर अंतिम परीक्षण तक की पूरी प्रक्रिया देश में ही की जाती है, जो इसे यूपीडीआईसी का पहला ऐसा प्रतिष्ठान बनाती है।
कार्यक्रम के दौरान, रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने बूस्टर डॉकिंग प्रक्रिया का निरीक्षण किया और ब्रह्मोस सिम्युलेटर उपकरणों का प्रस्तुतीकरण भी देखा।
महानिदेशक (ब्रह्मोस) डॉ. जयतीर्थ आर जोशी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक चेक और जीएसटी बिल सौंपा, जिससे राज्य सरकार को राजस्व प्राप्त होगा। मिसाइलों के उत्पादन से उत्तर प्रदेश में उच्च कौशल वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
यह परियोजना रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और प्रदेश में रोजगार, निवेश तथा तकनीकी नवाचार के नए अवसर भी सृजित कर रही है। ब्रह्मोस विश्व की सबसे तेज और घातक सटीक प्रहार क्षमता वाली मिसाइल प्रणाली है।
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