
यूनिक समय, नई दिल्ली। लोकप्रिय AI चैटबॉट चैटजीपीटी (ChatGPT) जल्द ही व्हाट्सएप से हटा दिया जाएगा। व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी मेटा ने अपनी नई नीति के तहत घोषणा की है कि जनवरी 2026 से व्हाट्सएप पर सभी थर्ड-पार्टी AI बॉट्स को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। यह बदलाव 15 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा।
परिवर्तन के कारण और असर:
मेटा ने बताया है कि थर्ड-पार्टी AI बॉट्स चलाने से उसके डेटा सर्वर पर अधिक दबाव पड़ रहा था। साथ ही, कंपनी को डर है कि ये बॉट्स उसके अपने ‘मेटा AI असिस्टेंट’ के यूज़र्स को प्रभावित कर रहे हैं।
इस प्रतिबंध का सीधा असर उन यूज़र्स पर पड़ेगा जो व्हाट्सएप के माध्यम से चैटजीपीटी या परप्लेक्सिटी AI जैसे बॉट्स का उपयोग करते थे। मेटा अब केवल उन्हीं बॉट्स को अनुमति देगी जो उसके ऑफिशियल बिजनेस एपीआई के नियमों के तहत काम करेंगे।
यूज़र्स के लिए विकल्प:
ओपनएआई (OpenAI) ने अपने यूज़र्स को इस बदलाव की चेतावनी दी है और कहा है कि चैटजीपीटी व्हाट्सएप से हट जाएगा, लेकिन इसके उपयोग के कई विकल्प मौजूद हैं। यूजर्स अब भी चैटजीपीटी का इस्तेमाल वेबसाइट, मोबाइल एप या एटलस ब्राउजर के जरिए बिना किसी रुकावट के कर सकेंगे। ओपनएआई ने कहा है कि चैटजीपीटी “कहीं नहीं जा रहा, बस व्हाट्सएप से आगे बढ़ रहा है” और अन्य प्लेटफॉर्म पर इसका अनुभव और भी बेहतर होगा।
जो यूज़र्स अपनी पुरानी व्हाट्सएप चैट्स सुरक्षित रखना चाहते हैं, वे अपने चैटजीपीटी अकाउंट को व्हाट्सएप में चैटजीपीटी प्रोफाइल से लिंक करके अपनी सभी चैट्स को सेव कर सकते हैं। मेटा ने बिजनेस अकाउंट्स और डेवलपर्स को अपने एपीआई मॉडल्स अपडेट करने के लिए पर्याप्त समय दिया है।
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