Bihar Chunav: महागठबंधन का ‘तेजस्वी का प्रण पत्र’ जारी, सीएम फेस तेजस्वी यादव ने नौकरी-समृद्धि का लिया संकल्प

महागठबंधन का 'तेजस्वी का प्रण पत्र' जारी

यूनिक समय, नई दिल्ली। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन (इंडिया गठबंधन) ने मंगलवार को अपना विस्तृत घोषणा पत्र जारी कर दिया, जिसे ‘तेजस्वी का प्रण पत्र’ नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने सभी घटक दलों के प्रमुख नेताओं के साथ मिलकर इसे जारी करते हुए बिहार को नंबर वन बनाने का संकल्प लिया।

तेजस्वी यादव ने ‘तेजस्वी का प्रण पत्र’ को “दलों और दिलों का प्रण पत्र” बताते हुए कहा कि इसे पूरा करने के लिए वे अपने प्राण भी दे देंगे। उन्होंने प्रण लिया कि वे बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे और बिहार के किसी भी बेटे-बेटी को मजबूरी में बाहर जाने के लिए विवश नहीं होना पड़ेगा, क्योंकि 14 नवंबर को आने वाली सरकार राज्य में ही रोजी-रोजगार का प्रबंध करेगी। रोजगार के लिए बजट की चिंता पर तेजस्वी ने कहा कि उनके वादे झूठे नहीं हैं और 2020 में भी उन्होंने करके दिखाया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक-एक बात पर विशेषज्ञों से चर्चा की है और एक-एक परिवार को नौकरी दी जाएगी।

तेजस्वी ने कहा कि कुछ बाहरी शक्तियां बिहार को उपनिवेश बनाना चाहती हैं, जिसे वे नहीं होने देंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति सहानुभूति जताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा और भ्रष्ट अधिकारियों ने उन्हें पुतला बनाकर रखा है। उन्होंने अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि एनडीए नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनाने जा रही है, जबकि महागठबंधन ने अपना सीएम चेहरा घोषित कर दिया है।

उन्होंने भ्रष्ट सरकार को हटाने का संकल्प लेते हुए कहा कि सरकारी दफ्तरों में बिना पैसा कोई काम नहीं होता, और विभाग मंत्री नहीं, बल्कि सचिव चला रहे हैं। उन्होंने अर्धसैनिक बलों की 1500 कंपनियों को चुनाव में लगाने पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि जहां महागठबंधन को अधिक वोट मिले थे, वहां मतदान धीमा कराने की साजिश चल रही है। उन्होंने अधिकारियों से न्यायपूर्ण काम करने की अपील की।

वीआईपी के प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा कि महागठबंधन का संकल्प पत्र नए बिहार की नींव रखेगा, जबकि एनडीए के पास कोई संकल्प पत्र नहीं है, क्योंकि उन्हें लगता है कि बिहार खुशहाल है। वहीं भाकपा माले के वरिष्ठ नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने बताया कि घोषणा पत्र में मंडी व्यवस्था को चालू करने, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम और बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर ₹3000 करने का वादा किया गया है।

इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के प्रमुख आईपी गुप्ता ने कहा कि यह केवल घोषणा पत्र नहीं, बल्कि प्रतिज्ञा पत्र है, जिसे सरकार बनते ही लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह नए बिहार का रोडमैप और विजन है, और सरकार बनने के 20 दिन के अंदर एक प्रतिज्ञा पूरी की जाएगी। वहीं सीपीआई एम के नेता अवधेश कुमार ने नीतीश सरकार पर 20 साल में बिहार को ठगने का आरोप लगाया और कहा कि जनता ने बदलाव का मूड बना लिया है। अब बिहार बदलेगा।

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