
यूनिक समय, नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार को भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में दस श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि मंदिर के प्रवेश द्वार पर अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से यह हादसा हुआ।
राष्ट्रीय नेताओं ने व्यक्त किया शोक:
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताया दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना में इतने सारे लोगों की जान जाना अत्यंत दुखद है। राष्ट्रपति ने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम ज़िले में स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ से मुझे गहरा दुख हुआ है। मेरी संवेदनाएँ उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं घायल श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ।” प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिवारों को ₹2-₹2 लाख की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी, जबकि घायलों को ₹50-₹50,000 मिलेंगे।
राज्यपाल एस. अब्दुल नज़ी ने जताया दुख
राज्यपाल एस. अब्दुल नज़ीर ने दुर्घटना पर गहरा दुःख और संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और जिला प्रशासन को घायलों के सर्वोत्तम संभव उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि यह एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर दिया है।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने जताया दुख
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। अपने आधिकारिक बयान में उन्होंने कहा, “श्रीकाकुलम ज़िले के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर मंदिर में हुई भगदड़ बेहद दुखद है। श्रद्धालुओं की क्षति हृदयविदारक है। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ।” मुख्यमंत्री नायडू ने अधिकारियों को सभी घायलों को शीघ्र और उचित चिकित्सा सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने को भी कहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने जताया दुख
पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने भी वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ पर गहरा सदमा और दुख व्यक्त किया। अपने बयान में उन्होंने कहा कि ऐसी ही घटनाएँ पहले भी हो चुकी हैं—तिरुपति में वैकुंठ एकादशी के दौरान छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और सिंहचलम मंदिर में सात लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इन बार-बार होने वाली त्रासदियों के बावजूद, सरकार उचित सावधानी बरतने में विफल रही और चंद्रबाबू नायडू प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर हुई। जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि निर्दोष लोगों की बार-बार हो रही मौतें सरकार की अक्षमता को दर्शाती हैं और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने जताया दुख
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने श्रीकाकुलम जिले के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में एकादशी के दौरान हुई भगदड़ पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच हुई भगदड़ में नौ श्रद्धालुओं की जान जाना अत्यंत दुखद है। एक बच्चे की मौत ने हम सभी को गहरा सदमा पहुँचाया है।
पवन कल्याण ने कहा कि सरकार घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्रदान करने और उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उपमुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से राज्य के सभी मंदिरों में धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने की अपील की ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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