
यूनिक समय, नई दिल्ली। दुनिया के जाने-माने कंप्यूटर वैज्ञानिक और गूगल के पूर्व इंजीनियर रे कुरजवील ने एक चौंकाने वाला दावा किया है कि 2030 तक ऐसी टेक्नोलॉजी खोज ली जाएगी, जो इंसानों को अमर (Immortal) बना सकती है, यानी मरने नहीं देगी। यह दावा सुनने में भले ही अकल्पनीय लगे, लेकिन कुरजवील ने अपनी भविष्यवाणी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नैनोटेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी के तेजी से हो रहे विकास पर आधारित बताया है।
2030: अमरता का वर्ष
‘द न्यू यॉर्क पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, 1999 में ‘नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी’ और 2002 में ‘नेशनल इन्वेंटर्स हॉल ऑफ फेम’ से सम्मानित कुरजवील की भविष्यवाणी को उनकी विश्वसनीयता के कारण गंभीरता से लिया जाता है।
कुरजवील ने अपनी किताब ‘द सिंगुलैरिटी इज नियर’ में कहा कि 2030 तक टेक्नोलॉजी में होने वाली बड़ी खोजें इंसान को हमेशा की जिंदगी दे सकती हैं। वह बताते हैं कि 2029 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंसान जितना समझदार हो जाएगा और ट्यूरिंग टेस्ट पास कर लेगा। उनकी नजर में, AI के इस स्तर पर पहुंचने से ही अमर रहने के रास्ते खुल जाएंगे, क्योंकि नई टेक्नोलॉजी शरीर को हमेशा जवान रखेगी और बीमारियों को दूर करेगी।
नैनोबॉट्स और सिंगुलैरिटी का भविष्य
कुरजवील की भविष्यवाणियों के केंद्र में दो मुख्य अवधारणाएँ हैं। कुरजवील का मानना है कि भविष्य में नैनोबॉट्स (बहुत छोटे रोबोट) आएंगे, जो आंख से दिखाई नहीं देंगे। ये रोबोट शरीर के अंदर जाकर कोशिकाओं की मरम्मत करेंगे, बुढ़ापा रोकेंगे, बीमारियां मारेंगे और पोषण को बेहतर बनाएंगे। ये नैनोबॉट्स वायरलेस नेटवर्क से शरीर को डेटा भेजेंगे और कचरा बाहर फेंकेंगे।
कुरजवील कहते हैं कि 2045 में सिंगुलैरिटी आएगी। यह वह समय होगा जब इंसान की बुद्धि और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक हो जाएंगे, जिससे हमारी समझ अरबों गुना बढ़ जाएगी। इस अवस्था में मशीनें इंसान से ज्यादा तेज सोचेंगी, और इंसान मशीनों के साथ जुड़कर ‘सुपर इंटेलिजेंट’ बन जाएंगे।
पहले भी सही साबित हुई हैं भविष्यवाणियाँ
रे कुरजवील की भविष्यवाणियाँ पहले भी सही साबित होती रही हैं। 2010 की एक रिपोर्ट के अनुसार, 1990 के दशक में की गई उनकी 86% भविष्यवाणियाँ सच हुई थीं। उन्होंने लैपटॉप के आगमन, शतरंज चैंपियन गैरी कास्परोव की कंप्यूटर से हार, और 2010 तक हाई-स्पीड इंटरनेट के सर्वव्यापी होने की भविष्यवाणी की थी। पीटर थिएल और जेफ बेजोस जैसे बड़े निवेशक उनकी सोच पर यकीन करते हैं। हालाँकि, कई लोग इन दावों को सिर्फ एक सपना मानते हैं।
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