Mathura News: एसएसपी ने ली अपराध समीक्षा गोष्ठी, लंबित मामलों के त्वरित निपटान और अपराधियों पर कड़ी निगरानी के निर्देश

एसएसपी ने ली अपराध समीक्षा गोष्ठी

यूनिक समय, मथुरा। आज, रिज़र्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मथुरा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। इस बैठक में जनपद के सभी थाना प्रभारियों, क्षेत्राधिकारियों तथा अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना तथा आम जनता को त्वरित और निष्पक्ष न्याय उपलब्ध कराना था।

लंबित मामलों पर सख्त निर्देश

एसएसपी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित विवेचनाओं, शिकायतों और प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण किया जाए। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकरण में अनावश्यक देरी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा और अपराध नियंत्रण की रणनीति

अपराध समीक्षा गोष्ठी में जिले की सुरक्षा व्यवस्था और वर्तमान अपराध स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। एसएसपी ने अधिकारियों को आगामी त्योहारों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। बाजारों, धार्मिक स्थलों और महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस गश्त बढ़ाने को कहा।

उन्होंने अधिकारियों को को निर्देश दिया कि क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए, और पुराने अपराधियों का सत्यापन तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

एसएसपी ने बीट पुलिसिंग और फुट पेट्रोलिंग को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया, ताकि पुलिस की नियमित उपस्थिति से अपराध पर अंकुश लगे और जनता में सुरक्षा का विश्वास बढ़े।

विशेष फोकस वाले क्षेत्र

गोष्ठी में नारी सुरक्षा, साइबर अपराध और यातायात व्यवस्था को भी विशेष रूप से शामिल किया गया। संबंधित अधिकारियों को इन मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।

एसएसपी ने अंत में कहा कि पुलिस का व्यवहार आम जनता के प्रति विनम्र और सहयोगपूर्ण होना चाहिए, और लोगों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनकर उनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए, क्योंकि जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है। यह गोष्ठी मथुरा पुलिस को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

ये भी पढ़ें: UP: SC ने केरल, उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों में SIR को चुनौती देने वाली नई याचिकाओं पर EC से जवाब मांगा

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*