Fri, Jun 5th, 2026
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टेस्ट क्रिकेट में हार के बाद सवालों से गुस्साए गौतम गंभीर, बोले- उपलब्धियाँ भूलकर सिर्फ हार पर फोकस करती है मीडिया

by Tarun Bhardwaj • November 26, 2025
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यूनिक समय, नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका के हाथों घरेलू टेस्ट सीरीज में 0-2 की करारी हार झेलने के बाद, भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर गुवाहाटी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के तीखे सवालों से नाराज़ और गुस्से में नज़र आए। 26 नवंबर को भारत ने दूसरा और आखिरी टेस्ट मैच 408 रनों के बड़े अंतर से गंवाया, जिसके चलते टीम को क्लीन स्वीप झेलनी पड़ी।

गौतम गंभीर पर बढ़ता दबाव

कोच गौतम गंभीर पर दबाव लगातार बढ़ रहा है, क्योंकि वह पहले ऐसे भारतीय कोच बन गए हैं जिन्हें घरेलू टेस्ट में लगातार दो व्हाइटवॉश झेलनी पड़ी है, पहले न्यूजीलैंड से 0-3 और अब साउथ अफ्रीका से 0-2 की हार। जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे सीधे यह सवाल पूछा गया कि क्या वह अभी भी टीम के लिए बेहतर विकल्प हैं, तो गौतम गंभीर ने चुप्पी तोड़ी और कहा कि उनके भविष्य पर फैसला बीसीसीआई (BCCI) करेगा।

गौतम गंभीर ने कहा, “भारतीय क्रिकेट महत्वपूर्ण है, मैं नहीं। आज भी उसी बात पर कायम हूं। ये फैसला बीसीसीआई का होगा।” गौतम गंभीर ने आलोचनाओं पर गहरी नाराजगी जताई और मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि वे सिर्फ हार पर फोकस करते हैं और टीम की उपलब्धियों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं।

उन्होंने याद दिलाया कि उनकी ही कोचिंग में भारत ने इंग्लैंड में एक युवा टीम के साथ अच्छे नतीजे दिए, और यह भी कहा कि “आप सब जल्दी भूल जाते हैं… मेरे ही कोचिंग में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीता था।” उन्होंने अपनी टीम का बचाव करते हुए कहा कि यह टीम नई है, अनुभव कम है, और उन्हें सीखने में समय लगेगा, लेकिन वे पूरा प्रयास कर रहे हैं।

हार की जिम्मेदारी और ट्रांजिशन

कोच गौतम गंभीर ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उन्हें ‘ट्रांजिशन’ शब्द से नफरत है, लेकिन सच यही है कि युवा खिलाड़ी सीख रहे हैं और उन्हें समय देना होगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि हार की जिम्मेदारी सबकी है और सबसे पहले उनकी है।

उन्होंने कहा, “मैं यहां बहाने बनाने नहीं आया हूं, लेकिन ट्रांजिशन असल में यही है।” गंभीर ने 95/1 से 122/7 होने को गलत बताया, लेकिन किसी भी खिलाड़ी या शॉट को व्यक्तिगत रूप से दोष देने से इनकार कर दिया।

गंभीर ने ऑलराउंडरों पर भरोसा जताने की अपनी टीम चुनने की सोच का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट के लिए सबसे ज्यादा टैलेंटेड खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि मजबूत इरादों वाले खिलाड़ी चाहिए। उनकी कोचिंग में भारत ने पिछले 18 टेस्ट में से 10 गंवाए हैं।

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