
यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पुनरुत्थान की दिशा में एक और बड़ा फैसला किया है। उन्होंने घोषणा की है कि कुशीनगर जिले के फाजिलनगर का नाम बदलकर अब उसका प्राचीन गौरव लौटाते हुए ‘पावा नगरी’ किया जाएगा। यह निर्णय भगवान महावीर के महापरिनिर्वाण स्थल से जुड़े इस स्थान के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए लिया गया है।
प्राचीन गौरव की पुनर्स्थापना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि भले ही भगवान महावीर का जन्म बिहार के वैशाली में हुआ था, लेकिन उनका महापरिनिर्वाण स्थल (मोक्ष स्थल) उत्तर प्रदेश के फाजिलनगर में ही स्थित है। प्राचीन ग्रंथों और जैन परंपरा में इस जगह को पावागढ़ या पावा नगरी के रूप में वर्णित किया गया है।
सरकार का मानना है कि आधुनिक समय में यह स्थान अपनी असली पहचान खो रहा था। नाम परिवर्तन से इस प्राचीन स्थान की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी और जैन समुदाय सहित दुनिया भर के लोग इसके वास्तविक महत्व से परिचित हो सकेंगे।
पर्यटन और विकास की योजना
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि ‘पावा नगरी’ नाम जैन धर्म के अनुयायियों के बीच लंबे समय से प्रचलन में रहा है और अब इसे आधिकारिक रूप देने की तैयारी है।सरकार इसे एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है।
नाम परिवर्तन के बाद यहां से जुड़े धार्मिक स्थलों के संरक्षण, विकास और पर्यटन सुविधाओं को विस्तार देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह कदम फाजिलनगर को प्रस्तावित पावा नगरी के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा।
नाम बदलने की औपचारिक प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा। यह पहल उत्तर प्रदेश सरकार के सांस्कृतिक विरासत को संजोने के प्रयासों का हिस्सा है।
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