Bareilly: बुलडोजर एक्शन पर SC का ब्रेक; सपा नेता सरफराज वली को ‘ऐवान-ए-फरहत’ ध्वस्तीकरण से 1 सप्ताह की राहत

बुलडोजर एक्शन पर SC का ब्रेक

यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के बरेली में अवैध निर्माणों पर बुलडोजर एक्शन इन दिनों सुर्खियों में है, लेकिन आजम खान के करीबी सपा नेता सरफराज वली को इस एक्शन से फ़िलहाल सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘बुलडोजर एक्शन’ ने बरेली में सपा नेताओं के मैरिज हॉलों पर शिकंजा कस दिया था। इसी कड़ी में, सपा नेता सरफराज वली के करोड़ों रुपये की लागत से बने ‘ऐवान-ए-फरहत’ मैरिज हॉल पर भी ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया था। गुरुवार को जब बरेली डेवलपमेंट अथॉरिटी (BDA) का भारी पुलिस बल और बुलडोजर दस्ता कार्रवाई के लिए स्थल पर पहुंचा, ठीक उसी समय सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से कार्रवाई पर रोक लग गई।

सुप्रीम कोर्ट ने दी एक हफ्ते की मोहलत

गुरुवार को सरफराज वली के मैरिज हॉल को ध्वस्त करने की तैयारी पूरी हो चुकी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मैरिज हॉल पर चल रही बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाते हुए सपा नेता को एक हफ्ते का समय दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सरफराज वली एक सप्ताह के भीतर हाई कोर्ट में जाकर अपनी बात रखें, तब तक मैरिज हॉल पर कोई बुलडोजर कार्रवाई नहीं होगी। कोर्ट का यह आदेश मिलने के तुरंत बाद, बुलडोजर टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा, जिससे स्थल पर भारी अफरा-तफरी का माहौल शांत हुआ। मैरिज हॉल की अनुमानित लागत लगभग 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

पिछले तीन दिनों से बरेली में BDA का बुलडोजर एक्शन जारी है। सरफराज वली के ‘ऐवान-ए-फरहत’ का पहले ही 40 प्रतिशत हिस्सा ध्वस्त किया जा चुका था, जब कोर्ट का आदेश आया।

इससे पहले, बुधवार को डेवलपमेंट अथॉरिटी ने एक अन्य सपा नेता मो. राशिद के ‘गुड मैरिज हॉल’ पर भी बड़ी कार्रवाई की। इस हॉल को पूरी तरह से जमींदोज करने में BDA की टीम को लगभग पांच घंटे का समय लगा। इस कार्रवाई का विरोध करने के लिए सपा के कुछ स्थानीय नेता और महिलाएं सड़कों पर उतर आए थे, जिसके कारण मौके पर काफी तनाव उत्पन्न हो गया था।

पोकलेन मशीन से हुआ ध्वस्तीकरण

मंगलवार को शुरू हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में मैरिज हॉलों को गिराने की प्रक्रिया में कठिनाई आई। बुधवार को ‘गुड मैरिज हॉल’ को गिराते समय कार्रवाई को आधे घंटे के लिए रोकना पड़ा, क्योंकि आसपास के आवासीय मकान भी ध्वस्तीकरण की चपेट में आ रहे थे। इसके बाद, विध्वंस के काम को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए पोकलेन मशीन मंगवाई गई।

सुप्रीम कोर्ट से सरफराज वली को मिली यह एक सप्ताह की मोहलत उन्हें हाई कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ने का अवसर देती है, जबकि BDA का अवैध निर्माण के खिलाफ एक्शन जारी है, जिसने शहर के सपा नेताओं के बीच खलबली मचा दी है।

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