
यूनिक समय, नई दिल्ली। आज 13 दिसंबर, 2025 को 2001 के संसद हमले की 24वीं बरसी पर पूरा देश अपने वीर सपूतों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद कर रहा है। संसद भवन परिसर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में, देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व ने एकजुट होकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए आतंकियों के मंसूबों को नाकाम कर दिया था।
शीर्ष नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
लोकतंत्र के मंदिर की रक्षा में शहीद हुए सुरक्षा कर्मियों को सम्मान देने के लिए आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू, अन्य वरिष्ठ सांसद और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
लोकतंत्र के रक्षकों को सम्मान
सभी नेताओं ने एक साथ फूल चढ़ाकर और मौन श्रद्धांजलि अर्पित कर शहीद सुरक्षा कर्मियों के अदम्य साहस और बलिदान को सम्मानित किया। सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेताओं ने विशेष रूप से संसद भवन के भीतर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। राहुल गांधी ने पुष्प अर्पित कर उन बहादुर शहीदों को याद किया, जिन्होंने 13 दिसंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमले को विफल करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया।
बलिदान की याद
संसद हमले में कई सुरक्षा कर्मी शहीद हुए थे। देशभर में इस घटना को देश की सुरक्षा, शौर्य और संप्रभुता की याद के रूप में याद किया जाता है। शहीदों को श्रद्धांजलि देने का यह वार्षिक कार्यक्रम सत्ता पक्ष और विपक्ष को एकजुट कर, यह संदेश देता है कि राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस अवसर पर संसद परिसर में सुरक्षा अधिकारियों की भी उपस्थिति रही, और देशभर में शहीदों को याद कर उनके बलिदान को सलाम किया गया।
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