New Year Alert: ‘हैप्पी न्यू ईयर’ के संदेश में छिपा हो सकता है ‘कंगाली’ का कोड; साइबर ठगों ने बिछाया डिजिटल जाल

साइबर ठगों ने बिछाया डिजिटल जाल

यूनिक समय, नई दिल्ली। साल 2025 अपने अंतिम पड़ाव पर है और कुछ ही दिनों में 2026 का आगाज होने वाला है। जहां पूरी दुनिया नए संकल्पों और जश्न की तैयारी में डूबी है, वहीं साइबर अपराधी आपकी इसी खुशी को ‘चिंता’ में बदलने के लिए घात लगाए बैठे हैं। 31 दिसंबर की रात जैसे ही घड़ी की सुइयां 12 पर पहुंचती हैं, शुभकामनाओं की बाढ़ आ जाती है। लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस बार ‘स्पेशल न्यू ईयर गिफ्ट’ या ‘लकी ड्रॉ’ के नाम पर आने वाले लिंक आपकी मेहनत की कमाई को एक पल में साफ कर सकते हैं।

बधाई के पीछे छिपा ‘डिजिटल जाल

साइबर ठग जानते हैं कि त्योहारों के मौके पर लोग भावुक और उत्साहित होते हैं। इसी का फायदा उठाकर वे WhatsApp, Facebook और ईमेल के जरिए लुभावने मैसेज भेजते हैं।

अक्सर ग्रीटिंग कार्ड या वीडियो के नाम पर एक फाइल भेजी जाती है। इसके अंत में अक्सर .apk या .exe लिखा होता है। जैसे ही आप इसे खोलते हैं, आपके फोन में एक जासूसी सॉफ्टवेयर (Spyware) इंस्टॉल हो जाता है, जो आपकी स्क्रीन, मैसेज और यहाँ तक कि बैंक से आने वाले OTP को भी ठगों तक पहुंचा देता है।

साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, आजकल ठग पहले सोशल मीडिया पर दोस्त बनकर भरोसा जीतते हैं और फिर ‘न्यू ईयर सरप्राइज’ के नाम पर खतरनाक लिंक भेजकर धोखाधड़ी को अंजाम देते हैं।

सावधानी ही सुरक्षा है

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ त्रिवेणी सिंह के अनुसार, जश्न के माहौल में लोग सावधानी भूल जाते हैं, जिससे पूरा फोन हैकर्स के नियंत्रण में चला जाता है। सुरक्षित रहने के लिए ये कदम उठाएं:

  • किसी भी अनजान नंबर से आए ‘फ्री गिफ्ट’ या ‘इनाम’ वाले लिंक पर क्लिक न करें।
  • अगर किसी फाइल के नाम के अंत में .apk लिखा है, तो उसे तुरंत डिलीट कर दें।
  • याद रखें, कोई भी बैंक व्हाट्सएप या एसएमएस लिंक के जरिए कभी भी KYC अपडेट नहीं मांगता।
  • अपने सोशल मीडिया और बैंकिंग ऐप्स पर ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ जरूर ऑन रखें।
  • कोई भी आकर्षक ऑफर दिखने पर ‘Tap’ करने से पहले रुकें और सोचें कि क्या यह वास्तविक है?

नया साल खुशहाल हो, कंगाल नहीं!

नया साल नई उम्मीदों और सपनों का प्रतीक है। आपकी एक छोटी सी सावधानी आपको और आपके परिवार को बड़े वित्तीय नुकसान से बचा सकती है। याद रखें, असली दोस्त या रिश्तेदार कभी आपको संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के लिए मजबूर नहीं करेंगे। इस बार जब फोन की घंटी बजे या नोटिफिकेशन आए, तो उंगली चलाने से पहले दिमाग चलाएं। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!

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