Tu Meri Main Tera Movie Review: तेज रफ्तार जिंदगी में पुराने जमाने के प्यार की मासूमियत को तलाशती यह कहानी

Tu Meri Main Tera Movie Review

यूनिक समय, नई दिल्ली। साल 2025 की सबसे चर्चित रोमांटिक-कॉमेडी ‘Tu Meri Main Tera Main Tera Tu Meri’ सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। ‘सत्यप्रेम की कथा’ जैसी सफल फिल्म देने के बाद निर्देशक समीर विद्वान एक बार फिर कार्तिक आर्यन के साथ लौटे हैं। यह फिल्म बड़े-बड़े एक्शन या ड्रामेटिक ट्विस्ट्स का दावा नहीं करती, बल्कि आज के डिजिटल दौर में उस पुराने जमाने वाली मासूमियत और रिश्तों की गहराई को तलाशती है।

कहानी

फिल्म Tu Meri Main Tera Main Tera Tu Meri की कहानी रेहान (कार्तिक आर्यन) और रूमी (अनन्या पांडे) के इर्द-गिर्द बुनी गई है। रेहान एक बिंदास और आज़ाद ख्याल लड़का है, जबकि रूमी मैच्योर है और अपने पिता (जैकी श्रॉफ) से भावनात्मक रूप से बहुत जुड़ी हुई है। एक ट्रिप पर शुरू हुई इनकी दोस्ती कब प्यार में बदल जाती है, पता ही नहीं चलता।

कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब शादी की बात उठती है। रेहान अमेरिका में सेटल है, जबकि रूमी अपने पिता को अकेला छोड़ने के ख्याल से टूट जाती है। प्यार और परिवार के बीच फंसी रूमी का संघर्ष और रेहान की अपनी जिम्मेदारियों को लेकर दुविधा फिल्म का भावनात्मक आधार है।

अभिनय

रेहान के रूप में कार्तिक बेहद सहज लगे हैं। उन्होंने अपने चॉकलेटी बॉय इमेज के साथ-साथ एक ऐसे युवक का दर्द भी बखूबी दिखाया है जो प्यार और करियर के बीच उलझा है। वही रूमी के किरदार में अनन्या ने चौंकाया है। उनके अभिनय में एक ठहराव और परिपक्वता नजर आती है, खासकर इमोशनल दृश्यों में उन्होंने अपनी छाप छोड़ी है। नीना गुप्ता और जैकी श्रॉफ जैसे मंझे हुए कलाकारों ने फिल्म में जान फूंक दी है। जैकी श्रॉफ का ‘कर्नल अमर वर्धन सिंह’ वाला किरदार काफी प्रभावशाली है।

संगीत और निर्देशन

समीर विद्वान का निर्देशन सधा हुआ है। उन्होंने कहानी को उलझाने के बजाय सरल रखा है, जो दर्शकों को ‘फील-गुड’ अहसास कराता है। फिल्म का संगीत इसकी रूह है, जो प्रेम कहानी को और भी खूबसूरत बनाता है। सिनेमैटोग्राफी में त्योहारों और खुशियों के रंगों को बहुत ही खूबसूरती से पिरोया गया है।

कहाँ रह गई कमी?

फिल्म Tu Meri Main Tera Main Tera Tu Meri का पहला हिस्सा जितना मजेदार है, दूसरा हिस्सा उतना ही धीमा और खिंचा हुआ महसूस होता है। कुछ पारिवारिक झगड़े और टकराव जरूरत से ज्यादा लंबे हैं। कहानी कहीं-कहीं प्रेडिक्टेबल (पूर्वानुमानित) लगती है, जिससे ऐसा महसूस होता है कि हम पहले भी ऐसी प्रेम कहानियां देख चुके हैं। कार्तिक और अनन्या की केमिस्ट्री कुछ दृश्यों में थोड़ी फीकी भी पड़ती है।

अंतिम फैसला

अगर आप मार-धाड़ और भारी-भरकम सस्पेंस से दूर एक ऐसी फिल्म देखना चाहते हैं जो आपके चेहरे पर मुस्कान ला दे और दिल को छू ले, तो ‘Tu Meri Main Tera Main Tera Tu Meri’ एक परफेक्ट चॉइस है। छुट्टियों के मौसम में परिवार या पार्टनर के साथ देखने के लिए यह एक बेहतरीन ‘वन-टाइम वॉच’ फिल्म है।

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