Jan Nayakan: थलापति विजय को सुप्रीम कोर्ट से झटका, याचिका खारिज; अब मद्रास हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें

थलापति विजय को सुप्रीम कोर्ट से झटका

यूनिक समय, नई दिल्ली। अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय की बहुप्रतीक्षित और संभवतः उनके अभिनय करियर की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज का रास्ता और कठिन हो गया है। मद्रास हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे फिल्म निर्माताओं को वहां से भी निराशा हाथ लगी है। देश की शीर्ष अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए निर्माताओं को वापस हाईकोर्ट जाने का आदेश दिया है। इस कानूनी खींचतान के कारण 9 जनवरी को होने वाली फिल्म की रिलीज पहले ही टल चुकी है और अब 20 जनवरी की सुनवाई फिल्म के भविष्य का फैसला करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी:

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान फिल्म के मेकर्स की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि फिल्म 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी और इसके लिए पूरे भारत में 5000 थिएटर बुक किए गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत में 10 कट के बाद सर्टिफिकेट देने की बात कही गई थी।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने निर्माताओं को फटकार लगाते हुए कहा कि जब मामला पहले से ही मद्रास हाईकोर्ट के विचाराधीन है और 20 जनवरी की तारीख तय है, तो इसे सीधे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं दी जानी चाहिए थी। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं और मेकर्स को हाईकोर्ट के पास ही वापस जाना चाहिए।

क्यों अटका है ‘जन नायकन’ का सर्टिफिकेट?

यह विवाद केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) द्वारा फिल्म के कई दृश्यों पर आपत्ति जताने से शुरू हुआ। 18 दिसंबर को फिल्म बोर्ड के सामने पेश की गई, जहां CBFC ने 27 कट लगाने का सुझाव दिया।

निर्माताओं ने मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया, जहां 9 जनवरी को एकल बेंच ने फिल्म को U/A सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया था। सेंसर बोर्ड ने इस आदेश को हाईकोर्ट की खंडपीठ में चुनौती दी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने अपने पिछले आदेश पर रोक लगा दी।

राजनीतिक पारी से पहले आखिरी फिल्म

थलापति विजय ने पिछले साल अपनी राजनीतिक पार्टी तमिलग वेत्री कझगम (TVK) की घोषणा की थी। माना जा रहा है कि राजनीति में पूर्ण रूप से सक्रिय होने से पहले ‘जन नायकन’ उनकी आखिरी फिल्म है, जिस कारण उनके प्रशंसकों में इसे लेकर भारी उत्साह है। अब सबकी नजरें 20 जनवरी को मद्रास हाईकोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

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