
यूनिक समय, नई दिल्ली। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के ऐतिहासिक चुनाव परिणामों ने जहां भाजपा और महायुति को जश्न मनाने का मौका दिया है, वहीं ‘ठाकरे ब्रदर्स’ (उद्धव और राज ठाकरे) के गठबंधन को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिल सकी। इस चुनावी शिकस्त के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे इस हार से निराश होने वाले नहीं हैं और उनकी असली लड़ाई ‘मराठी अस्मिता’ के वजूद को बचाने के लिए जारी रहेगी।
“यह धनशक्ति बनाम शिवशक्ति की लड़ाई थी”
राज ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में जीत हासिल करने वाले सभी कॉर्पोरेटर्स को बधाई दी, लेकिन साथ ही भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह चुनाव निष्पक्ष नहीं था, बल्कि यह असीमित धन और सत्ता की ताकत बनाम शिवशक्ति के बीच की लड़ाई थी। राज ने अपने कार्यकर्ताओं के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने डटकर मुकाबला किया।
शासकों को चेतावनी
मनसे प्रमुख ने कड़े तेवरों में कहा कि उनके चुने हुए अधिकारी मराठियों की हितों की रक्षा करेंगे। अगर किसी मराठी मानुस के साथ अत्याचार होगा तो हम किसी को छोड़ेंगे नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि सत्ता में बैठे लोग मुंबई (MMR क्षेत्र) में मराठी मानुष को अपमानित करने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे, ऐसे में मनसे को एक मजबूत ढाल बनकर खड़ा रहना होगा।
राज ठाकरे ने कहा “हमारी लड़ाई मराठी लोगों, मराठी भाषा और मराठी पहचान के लिए है। यह हमारे अस्तित्व की लड़ाई है। चुनाव आते-जाते रहेंगे, लेकिन हमारी सांसें हमेशा मराठी रहेंगी। चलो फिर से काम पर लगें और संगठन को नए सिरे से खड़ा करें।”
ठाकरे बंधुओं का गठबंधन
2026 के इन बीएमसी चुनावों में पहली बार उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की मनसे ने गठबंधन कर चुनाव लड़ा था। हालांकि, भाजपा (89 सीटें) और एकनाथ शिंदे गुट (29 सीटें) ने मिलकर 118 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। उद्धव गुट को 65 और मनसे को मात्र 6 सीटों पर संतोष करना पड़ा। राज ठाकरे ने स्वीकार किया कि मनसे को वैसी सफलता नहीं मिली जैसी उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने हार के कारणों का विश्लेषण कर वापसी का संकल्प लिया है।
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