India News: मालदा की रैली में बोले पीएम मोदी; “कोच के निर्माण में अमेरिका और यूरोप जैसे देशों को पीछे छोड़ रहा है भारत”

PM Modi at the Malda rally

यूनिक समय, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मालदा से देश की पहली ‘वंदे भारत स्लीपर’ ट्रेन का उद्घाटन किया, जो पश्चिम बंगाल के हावड़ा को असम के गुवाहाटी से जोड़ेगी। यह ट्रेन न केवल पूर्वी भारत और उत्तर-पूर्वी भारत के बीच की दूरी को कम करेगी, बल्कि यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं भी प्रदान करेगी।

मालदा की रैली में उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री ने ट्रेन के भीतर जाकर बच्चों और लोको पायलटों से आत्मीय संवाद किया और इस नई तकनीक के बारे में जानकारी ली। मालदा के इस पावन मंच से पीएम ने चार अन्य ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो न्यू जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जैसे क्षेत्रों को दक्षिण भारत के नगरकोइल, तिरुचिरापल्ली, बंगलूरू और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ेंगी।

मालदा में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने गर्व के साथ कहा कि आज भारत उन सपनों को हकीकत में बदलते देख रहा है, जिन्हें कभी हम केवल विदेशों की तस्वीरों में देखा करते थे। उन्होंने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ‘मेड इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सबसे बड़ा प्रतीक है, जिसे बनाने में भारतीयों का पसीना और स्वदेशी तकनीक लगी है।

पीएम ने जोर देकर कहा कि आज भारत रेल इंजन और कोच के निर्माण में अमेरिका और यूरोप जैसे देशों को पीछे छोड़ रहा है और दुनिया के कई देशों को मेट्रो कोच एक्सपोर्ट कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेल के इस आधुनिकीकरण से न केवल यात्रियों का सफर आरामदायक और शानदार होगा, बल्कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

बंगाल को विकास की बड़ी सौगात देते हुए प्रधानमंत्री ने 3250 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न रेल परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इसमें बालुरघाट से हिली के बीच नई रेल लाइन का निर्माण और न्यू जलपाईगुड़ी में अत्याधुनिक फ्रेट मेंटेनेंस सुविधा केंद्र की शुरुआत शामिल है।

मालदा की रैली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये परियोजनाएं बंगाल को भविष्य में एक बड़े आईटी हब के रूप में विकसित करने में सहायक सिद्ध होंगी। पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की विशेषताओं की बात करें तो यह 16 कोच वाली ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक दौड़ सकती है और इसमें 1128 यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे। इसकी एयरोडायनामिक डिजाइन और आधुनिक सस्पेंशन सिस्टम यात्रा के दौरान झटकों और शोर को न्यूनतम कर देते हैं, जिससे 17 घंटे का सफर घटकर मात्र 14 घंटे रह जाएगा।

मालदा के कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री शाम को ही असम के लिए रवाना हो गए, जहां वे दो और अमृत भारत ट्रेनों का उद्घाटन करेंगे और काजीरंगा नेशनल पार्क के पास 6,957 करोड़ रुपये के एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखेंगे। असम में पीएम मोदी का स्वागत 10 हजार कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले पारंपरिक ‘बागुरुंबा’ नृत्य से होगा।

गौरतलब है कि असम में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर प्रधानमंत्री का यह एक महीने के भीतर दूसरा दौरा है, जो पूरे उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह दौरा न केवल रेल कनेक्टिविटी बल्कि सांस्कृतिक गौरव और आर्थिक प्रगति के एक नए युग का शंखनाद कर रहा है।

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