
यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में मंगलवार सुबह कुदरत के कहर और रफ्तार के तालमेल ने एक भीषण सड़क हादसे को अंजाम दिया। दिल्ली-अक्षरधाम एक्सेस कंट्रोल एलिवेटेड हाईवे पर घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी शून्य होने की वजह से करीब 20 गाड़ियां ताश के पत्तों की तरह एक-दूसरे से टकरा गईं। इस दर्दनाक हादसे में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
धुंध की चादर में तब्दील हुआ हाईवे
मंगलवार सुबह हसनपुर मसूरी-मविकला गांव के पास अचानक आई घनी धुंध ने मौत का जाल बिछा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विजिबिलिटी इतनी कम थी कि चालकों को आगे चल रही गाड़ियां नजर नहीं आ रही थीं। जैसे ही आगे चल रहे एक वाहन ने ब्रेक लगाया, पीछे से आ रही कारें, पिकअप और अन्य निजी वाहन एक के बाद एक आपस में भिड़ते चले गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि देखते ही देखते हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
राहत और बचाव कार्य:
हादसे की सूचना मिलते ही बागपत और खेकड़ा कोतवाली पुलिस, एनएचएआई (NHAI) और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को तुरंत खेकड़ा सीएचसी और बागपत जिला अस्पताल ले जाया गया। घायलों की पहचान खेकड़ा निवासी अशोक शर्मा, चरथावल के रफीक, नफीसा, सद्दाम और यूसुफ के रूप में हुई है। इनमें सद्दाम की स्थिति सबसे गंभीर बताई जा रही है, क्योंकि हादसे में उनका एक पैर कटकर शरीर से अलग हो गया। उन्हें गंभीर हालत में दिल्ली रेफर किया गया है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और चेतावनी
हादसे की गंभीरता को देखते हुए एएसपी बागपत प्रवीण सिंह चौहान ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और क्षतिग्रस्त वाहनों को दिल्ली-अक्षरधाम एक्सेस कंट्रोल एलिवेटेड हाईवे से हटाकर यातायात सुचारु कराया। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को उचित उपचार के निर्देश दिए। गौरतलब है कि इसी हाईवे पर दो दिन पहले भी ऐसा ही हादसा हुआ था। लगातार बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे कोहरे के दौरान वाहनों की गति धीमी रखें, अगले वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। इसके साथ ही फॉग लाइट्स और इंडिकेटर्स का प्रयोग करें।
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