खुशी की लहर: किसानों के कर्ज़ होंगे माफ़, कांग्रेस होगी सरकार में शामिल

फ़िलहाल महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है. राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी ने राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी को बता दिया था कि वो सरकार बनाने में असमर्थ है.

कांग्रेस पार्टी महाराष्ट्र में सरकार को बाहर से समर्थन देने की बजाए उसका हिस्सा होगी. ख़बरों के मुताबिक एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कांग्रेस पार्टी को स्पष्ट कर दिया है कि बाहर से समर्थन देने का विकल्प उसके पास नहीं है. शरद पवार ने कांग्रेस से साफ़ शब्दों में कहा है कि अगर वो महाराष्ट्र में एक ग़ैर बीजेपी सरकार चाहती है तो उसे उस सरकार का हिस्सा बनना पड़ेगा. इससे पहले कांग्रेस पार्टी की योजना महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी की सरकार को बाहर से समर्थन देने की थी.

उधर कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने एनसीपी और शिवसेना को एक न्यूनतम कार्यक्रम तैयार करने को कहा है. कांग्रेस पार्टी का कहना है कि तीनों पार्टियों को मिलकर पहले एक कार्यक्रम तय करना चाहिए उसके बाद ही राज्य में एक ग़ैर बीजेपी सरकार गठन पर विचार हो सकता है. कांग्रेस शिव सेना से आश्वासन चाहती है कि न्यूनतम कार्यक्रम में कांग्रेस के चुनाव घोषणापत्र के मुख्य वादों को शामिल किया जाएगा. इन वादों में 3 मुख्य वादे हैं, पहला किसानों का कर्जा माफ़ करना, दूसरा बेरोज़गारी भत्ता देना और तीसरा स्थानीय लोगों के लिए नौकरियों में आरक्षण.

कांग्रेस पार्टी ने शिव सेना और एनसीपी के नेताओं को यह भी बता दिया है कि वो अगर सरकार में शामिल होगी तो बराबरी की भागीदारी के आधार पर. कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वो सरकार में छोटी पार्टी के तौर पर शामिल नहीं होगी.  फ़िलहाल महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है. राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी ने राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी को बता दिया था कि वो सरकार बनाने में असमर्थ है. उसके बाद राज्यपाल ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफ़ारिश केन्द्र सरकार को भेज दी.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*