
यूनिक समय, नई दिल्ली। बिहार के खगड़िया जिले में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां चौथम, गोगरी और खगड़िया अंचलों में ऑनलाइन आवासीय प्रमाण-पत्र के लिए कुछ अजीबोगरीब आवेदन मिले हैं, जिनमें भगवान श्रीराम, माता सीता, कौआ, मैना और यहां तक कि ए, बी, सी, डी जैसे नामों के ‘व्यक्तियों’ के लिए प्रमाण-पत्र की मांग की गई थी। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब चौथम अंचल कार्यालय के सीओ की नजर इन आवेदनों पर पड़ी और उन्होंने तुरंत जांच के निर्देश दिए।
बताया जा रहा है कि एक आवेदन में भगवान राम के पिता का नाम ‘दशरथ’, माता का नाम ‘कोसिलिया’ और गाँव का नाम ‘अयोध्या’ लिखा गया था। वहीं, माता सीता के नाम से आए आवेदन में पिता का नाम ‘राजा जनक’ और पंचायत ‘अयोध्या’ अंकित थी। इसी तरह, एक अन्य अर्जी में आवेदक का नाम ‘कौआ सिंह’, पिता का नाम ‘कौआ’ और माँ का नाम ‘मैना देवी’ दर्ज था, और चौंकाने वाली बात यह है कि फोटो में भी कौआ ही चिपकाया गया था।
करीब दर्जनभर ऐसे आवेदन आरटीपीएस (लोक सेवाओं का अधिकार) पोर्टल के माध्यम से सरकारी प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को गुमराह करने की नीयत से किए गए थे। इन आवेदनों में दिए गए मोबाइल नंबर और अन्य विवरण भी पूरी तरह फर्जी पाए गए हैं।
प्रशासन की कार्रवाई
बिहार में प्रशासन ने तत्काल इन सभी फर्जी आवेदनों को खारिज कर दिया है और संबंधित थानों में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। अधिकारियों ने इसे सरकारी कार्य में बाधा डालने और विभाग की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से की गई हरकत माना है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, एनआईसी (राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र) दिल्ली को भी पत्र लिखा गया है। इस पत्र के माध्यम से यह जानकारी मांगी गई है कि ये फर्जी आवेदन किस आईपी एड्रेस से किए गए थे। अब पुलिस इन शरारती तत्वों की पहचान कर उन पर कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
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