
यूनिक समय, नई दिल्ली। देवभूमि उत्तराखंड से मंगलवार की सुबह एक हृदयविदारक खबर सामने आई है। अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण इलाके में यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में समा गई। इस दर्दनाक हादसे में 6 से 7 लोगों की मौत की प्रारंभिक सूचना मिल रही है, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
सुबह 6 बजे हुआ हादसा:
जानकारी के अनुसार, यह भीषण दुर्घटना भिकियासैंण-विनायक-जालली मोटर मार्ग पर शिलापनी के पास हुई। बस सुबह करीब 6 बजे द्वाराहाट से रामनगर के लिए निकली थी। रास्ते में बस अचानक अनियंत्रित हो गई और चालक का संतुलन बिगड़ने से वाहन सीधे गहरी खाई में जा गिरा। घटनास्थल जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर है, जिससे रेस्क्यू टीमों को पहुँचने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की कार्रवाई
अल्मोड़ा के SSP देवेंद्र पिंचा और आपदा अधिकारी विनीत पाल ने बताया कि सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और SDRF (State Disaster Response Force) की टीमों को मौके पर रवाना कर दिया गया। खाई से घायलों को निकालकर तुरंत भिकियासैंण के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर (उच्च चिकित्सा केंद्रों) में रेफर करने की तैयारी की जा रही है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जताया गहरा शोक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा “जनपद अल्मोड़ा में भिकियासैंण-विनायक मोटर मार्ग पर एक बस दुर्घटना की बेहद दुखद खबर मिली है, जिसमें भिकियासैंण से रामनगर जा रही एक बस शामिल थी, जिसमें कथित तौर पर कई यात्रियों की मौत हो गई है। यह घटना बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि मृतकों की आत्मा को शांति मिले और शोक संतप्त परिवारों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति मिले।”
उन्होंने आगे लिखा, “घायल यात्रियों को जिला प्रशासन द्वारा तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है। पूरी स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है, और मैं स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के लगातार संपर्क में हूं। मैं भगवान से सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”
मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि राहत कार्यों में कोई कोताही न बरती जाए और घायलों को हर संभव मुफ्त और बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए। वे स्वयं पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
सर्दियों के मौसम में सुबह के वक्त कोहरे और पाले (Frost) की वजह से पहाड़ों की सड़कें खतरनाक हो जाती हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मोड़ पर बस की गति और संभवतः फिसलन हादसे की वजह हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक जांच अभी जारी है।
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