
यूनिक समय, नई दिल्ली। खाड़ी देशों में युद्ध की आहट के बीच भारत सरकार ने एक बेहद संवेदनशील और आपातकालीन कदम उठाया है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार, 23 फरवरी 2026 को एक कड़ी चेतावनी जारी करते हुए सभी भारतीय नागरिकों को ‘तत्काल’ ईरान छोड़ने का निर्देश दिया है। इस एडवाइजरी ने वैश्विक स्तर पर हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि इसे ईरान पर संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
दूतावास की सख्त हिदायत
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान में तेजी से गहराते संकट और युद्ध की बढ़ती आशंकाओं के बीच एक अत्यंत गंभीर एडवाइजरी जारी की है, जिसमें वहां मौजूद सभी भारतीय छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों को जो भी व्यावसायिक उड़ान या परिवहन का साधन उपलब्ध हो, उसके माध्यम से आज यानी 23 फरवरी को ही अनिवार्य रूप से देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है।
दूतावास ने सुरक्षा की दृष्टि से सभी नागरिकों को अपने पासपोर्ट, आईडी और आव्रजन दस्तावेजों को हर समय अपने पास तैयार रखने की सख्त हिदायत दी है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में निकासी प्रक्रिया में बाधा न आए।
इसके साथ ही, पूर्व की सलाह को दोहराते हुए भारतीयों को किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन या भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से पूरी तरह दूर रहने और स्थानीय मीडिया के माध्यम से पल-पल बदलती स्थितियों पर निरंतर नजर रखने को कहा गया है।
क्यों बढ़ा हमले का खतरा?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की “मैक्सिमम प्रेशर” नीति ने ईरान के साथ तनाव को चरम सीमा पर पहुंचा दिया है, जिसके पीछे कई गहरे रणनीतिक कारण उत्तरदायी हैं। ट्रंप प्रशासन की स्पष्ट मांग है कि ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन और परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करे, हालांकि ईरान इसे अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता का अटूट हिस्सा मानकर पीछे हटने को तैयार नहीं है।
इसके साथ ही अमेरिका ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करने और हिजबुल्लाह जैसे क्षेत्रीय मिलिशिया समूहों को मिलने वाले समर्थन को पूरी तरह समाप्त करने पर जोर दे रहा है। वर्ष 2025-26 के दौरान ईरान के भीतर हुए आंतरिक विद्रोहों के क्रूर दमन ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जिसके जवाब में ट्रंप प्रशासन ने वहां सत्ता परिवर्तन या सैन्य बुनियादी ढांचे को लक्षित करने के उद्देश्य से दो एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ भारी सैन्य जमावड़ा कर दिया है।
पंजीकरण और हेल्पलाइन
ईरान में गहराते संकट के बीच भारत सरकार ने वहां मौजूद अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके परिवारों से विशेष अपील की है कि यदि इंटरनेट व्यवधान के कारण ईरान में रह रहे भारतीय अपना पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं, तो भारत में मौजूद उनके परिजन उनकी जानकारी आधिकारिक तौर पर साझा करें।
किसी भी प्रकार की सहायता या आपातकालीन स्थिति के लिए दूतावास ने कई हेल्पलाइन मोबाइल नंबर जारी किए हैं, जिनमें +989128109115, +989128109109 और +989128109102 शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, नागरिक cons.tehran@mea.gov.in पर ईमेल के माध्यम से या आधिकारिक रजिस्ट्रेशन लिंक meaers.com/request/home पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज करा सकते हैं ताकि सरकार उन तक समय रहते पहुंच सके।
नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
Leave a Reply